बजट सत्र में हड़कंप: आईएएस एम. देवेंद्र सिंह निलंबित, मंत्री पंकजा मुंडे को ब्रीफिंग न देने का आरोप
Maharashtra Assembly के बजट सत्र में एमपीसीबी के सदस्य सचिव एम. देवेंद्र सिंह के निलंबन से सियासी हलचल तेज हो गई। मंत्री पंकजा मुंडे को ब्रीफिंग न देने के आरोप पर विपक्ष और सत्ता पक्ष आमने-सामने आ गए।
- Written By: अपूर्वा नायक
Pankaja Munde (फोटो क्रेडिट-इंस्टाग्राम)
Maharashtra IAS Suspension Case: महाराष्ट्र विधानमंडल के बजट सत्र के दौरान एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी के निलंबन के आदेश से प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है।
महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एमपीसीबी) के सदस्य सचिव और 2011 बैच के आईएएस अधिकारी एम देवेंद्र सिंह को पर्यावरण मंत्री पंकजा मुंडे के आदेश की अवहेलना करने के कारण निलंबन का सामना करना पड़ा है।
आरोप है कि सिंह ने मंत्री पंकजा मुंडे को ब्रीफिंग देने से इनकार किया था। मामला चंद्रपुर जिले में बढ़ते प्रदूषण से जुड़ा है। विधानसभा में चर्चा के दौरान स्थानीय विधायकों ने पर्यावरण विभाग से संबंधित प्रश्न पूछे थे।
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जब पर्यावरण मंत्री पंकजा मुंडे उत्तर देने के लिए खड़ी हुई, तो उन्होंने सदन को बताया कि वह इस विषय पर पूरी जानकारी देने में असमर्थ हैं क्योंकि संबंधित अधिकारियों ने उन्हें ब्रीफिंग ही नहीं दी। पंकजा ने स्पष्ट किया कि मैंने अधिकारियों को बार-बार निर्देश दिए और बैठक के लिए बुलाया, लेकिन वे उपस्थित नहीं हुए। अधिकारी जानकारी साझा करने में सहयोग नहीं कर रहे हैं। मंत्री की इस शिकायत पर सदन में मौजूद विधायक और विधायक दिलीप लांडे ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की।
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अहंकारी अधिकारियों को जेल भेजें
भाजपा के वरिष्ठ नेता सुधीर मुनगंटीवार ने इस मुद्दे पर आक्रामक रुख अपनाते हुए कहा कि यह संविधान का अपमान है। उन्होंने कहा कि एक अधिकारी मंत्री को ब्रीफिंग देने से इनकार कैसे कर सकता है? उन्होंने कहा कि 75% जिलाधिकारियों में ऐसा ही अहंकार आ गया है कि विधायक बदलते रहेंगे, लेकिन हम यहीं रहेंगे। ऐसे अधिकारियों को न केवल निलंबित करना चाहिए, बल्कि जेल भेजने का प्रावधान भी होना चाहिए। मुनगंटीवार ने जोर देकर कहा कि प्रशासन में ‘सम्मान दो और सम्मान लो’ की नीति चलनी चाहिए।
