सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की 7 परियोजनाओं का उद्घाटन करते सीएम देवेंद्र फडणवीस (सोर्स: सोशल मीडिया)
CM Fadnavis Launches Maha Sarathi Portal: महाराष्ट्र में डिजिटल गवर्नेंस को और बेहतर और नागरिक-केंद्रित बनाने के लिए, महाराष्ट्र सरकार ‘वन स्टेट, वन पोर्टल, वन वेब एड्रेस’ का बड़ा कॉन्सेप्ट लेकर आई है और इसके तहत, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने ‘महा सारथी’ पोर्टल का उद्घाटन किया। इस पहल से, अलग-अलग सरकारी सर्विस एक ही प्लेटफॉर्म पर मिलेंगी और नागरिकों को तेज, ट्रांसपेरेंट और आसान सर्विस मिलेंगी।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शनिवार को मुंबई के सह्याद्री गेस्ट हाउस में 150-दिवसीय ई-गवर्नेंस सुधार और सेवाकर्मी कार्यक्रम के तहत सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की 7 परियोजनाओं का उद्घाटन किया। इस दौरान मंत्री आशीष शेलार और वरिष्ठ अधिकारी इस अवसर पर उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि सरकार का मकसद सभी सरकारी डिपार्टमेंट के डिजिटल प्लेटफॉर्म को एक साथ लाकर एक यूनिफाइड सिस्टम बनाना है। ‘महा ID’ बेस्ड सिंगल साइन-ऑन सिस्टम से नागरिकों को बार-बार डॉक्यूमेंट जमा करने की जरूरत नहीं होगी। साथ ही, सिटीजन रजिस्ट्रेशन सिस्टम जाति सर्टिफिकेट, राशन कार्ड जैसी वेरिफाइड जानकारी सुरक्षित तरीके से इकट्ठा करेगा।
राज्य के सभी डिपार्टमेंट धीरे-धीरे ‘महा ID’ से जुड़ जाएंगे, जिससे काम की स्पीड बढ़ेगी, डॉक्यूमेंट सेव होंगे और ट्रांसपेरेंसी आएगी। डेटा सिक्योरिटी और प्राइवेसी के लिए ‘डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन एक्ट 2023’, ‘आधार एक्ट 2016’ और ‘इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एक्ट 2000’ को फॉलो किया जाएगा।
इस मौके पर मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि राज्य में इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी डिपार्टमेंट के जरिए ई-गवर्नेंस तेजी से आगे बढ़ रहा है। ‘आपले सरकार’ जैसी पहल की वजह से लोगों तक सर्विस पहुंच रही हैं। सरकारी प्रोसेस री-इंजीनियरिंग से प्रोसेस आसान हो रहा है और सर्विस डिलीवरी का समय कम हो रहा है।
‘महा सारथी’ डेटा-बेस्ड एडमिनिस्ट्रेशन के लिए ‘सिंगल सोर्स ऑफ ट्रुथ’ बनेगा और अलग-अलग डिपार्टमेंट के बीच कोऑर्डिनेशन बढ़ाने और स्कीम का फायदा सही लोगों तक पहुंचाने में मदद करेगा। पेपरलेस एडमिनिस्ट्रेशन के लिए मुख्यमंत्री डैशबोर्ड और महाराष्ट्र इंटीग्रेटेड डेटा एक्सचेंज जैसी पहल का भी इस्तेमाल किया जाएगा। इसके अलावा, सरकार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), एजेंटिक AI और ब्लॉकचेन जैसी नई टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके खेती समेत अलग-अलग सेक्टर को बेहतर बनाना चाहती है। दूसरा फेज अगले 150 दिनों में लागू किया जाएगा और इसमें सर्विसेज को तेज और ज़्यादा ट्रांसपेरेंट बनाने पर जोर दिया जाएगा।
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इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी मिनिस्टर एडवोकेट आशीष शेलार ने इस पहल की तारीफ की और नागरिक-केंद्रित डिजिटल सिस्टम बनाने के लिए सरकार के कमिटमेंट को दोहराया। चीफ सेक्रेटरी राजेश अग्रवाल ने कहा कि एडमिनिस्ट्रेशन को ज़्यादा कुशल, ट्रांसपेरेंट और अकाउंटेबल बनाने के लिए टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल जरूरी है।
वहीं IT सेक्रेटरी वीरेंद्र सिंह ने कहा कि एक यूनिफाइड डिजिटल इकोसिस्टम बनाने के लिए सभी प्लेटफॉर्म्स का इंटीग्रेशन जरूरी है। इस बीच, नागरिकों की सुविधा के लिए 18 जरूरी सर्विसेज को आसान बनाना, एप्लीकेशन्स की स्टेप-बाय-स्टेप ट्रैकिंग, IVRS बेस्ड फीडबैक सिस्टम, यूनिफाइड डैशबोर्ड, सिटीजन चार्टर और ‘महा IT संवाद’ मैगजीन जैसी पहल भी शुरू की गई हैं। ये सभी पहल राज्य में एडमिनिस्ट्रेशन को तेज, ट्रांसपेरेंट और ज्यादा भरोसेमंद बनाएंगी।