अब सरकारी जमीनों पर घास की खेती! चारे के साथ बढ़ेगा रोजगार, सीएम के सुझाव पर राजस्व मंत्री का निर्णय
Chandrashekhar Bawankule News: चंद्रशेखर बावनकुने महाराष्ट्र में खाली सरकारी जमीनों पर नेपियर घास और बांस की खेती शुरू करने का बड़ा फैसला लिया है। Devendra Fadnavis के सुझाव पर शुरू की जा रही है।
- Written By: सूर्यप्रकाश मिश्र | Edited By: आंचल लोखंडे
Chandrashekhar Bawankule (सोर्सः फाइल फोटो- सोशल मीडिया)
Maharashtra Grass Farming Scheme News: ग्रामीण भागों से लेकर शहरों तक सरकारी व राजस्व विभाग की खाली जमीनों पर घास की खेती किए जाने का निर्णय सरकार ने लिया है। राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि सरकार की खाली जमीनों पर बड़े पैमाने पर ‘नेपियर घास’ और बांस की खेती करने का बड़ा फ़ैसला किया गया है।
लीज पर मिलेगी
खास बात यह है कि यह ज़मीन लोकल महिला सेल्फ़-हेल्प ग्रुप्स, महिला आर्थिक विकास महामंडल और पढ़े-लिखे बेरोज़गार लोगों के संगठनों को तीन साल की लीज़ पर दी जाएगी। उन्होंने बताया कि
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा राज्य में चारे की कमी की समस्या का हल निकालने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मज़बूत करने का सुझाव के बाद एक बैठक मंत्रालय के रेवेन्यू मिनिस्टर के ऑफ़िस में हुई। मीटिंग में वित्त राज्य मंत्री आशीष जायसवाल और मंत्रालय के अलग-अलग डिपार्टमेंट के अधिकारी शामिल हुए।
अच्छी क़्वालिटी का चारा जरूरी
रेवेन्यू मिनिस्टर बावनकुले ने कहा, राज्य में डेयरी इंडस्ट्री को बढ़ावा देने के लिए अच्छी क्वालिटी का चारा मिलना बहुत ज़रूरी है। अगर आपको अच्छा दूध चाहिए, तो आपको अच्छा चारा मिलना चाहिए, इसी मुख्य मकसद को ध्यान में रखकर यह स्कीम बनाई गई है। इस नई पॉलिसी से, राज्य में एक भी सरकारी रेवेन्यू ज़मीन या खेती के सेक्टर की सरकारी ज़मीन खाली नहीं रहेगी। इन ज़मीनों का इस्तेमाल न सिर्फ़ चारे और बांस की खेती के लिए किया जाएगा, बल्कि नर्सरी, नॉन-कन्वेंशनल एनर्जी सोर्स और ऑर्गेनिक फर्टिलाइज़र बनाने जैसे एनवायरनमेंट-फ्रेंडली और रोज़गार देने वाले प्रोजेक्ट्स के लिए भी किया जाएगा।
सम्बंधित ख़बरें
वर्धा के गणेशपुर में नवविवाहिता ने लगाई फांसी, BSF जवान पति सहित 8 लोगों पर दहेज प्रताड़ना का मामला दर्ज
अजित पवार का खास बनकर ठगे 65 लाख! SRA फ्लैट के नाम पर मुंबई में 12 लोगों के साथ बड़ी धोखाधड़ी
PM Awas Yojana 2.0: अल्पसंख्यकों और आर्थिक कमजोर वर्ग के लिए ‘स्वप्नपूर्ति’ योजना शुरू; बनेंगे 518 किफायती घर
भंडारा: पवनी में कृषि विभाग की बड़ी कार्रवाई, खाद और बीजों की कालाबाजारी के खिलाफ छापामार कार्रवाई से हड़कंप
सख्ती से लागू होगा त्रिस्तरीय एग्रीमेंट
इसके लिए राज्य में सभी सरकारी ज़मीनों की तुरंत नाप कर उन ज़मीनों पर यह पट्टिका लगाने के सख्त आदेश दिए गए हैं कि वे ‘सरकारी प्रॉपर्टी’ हैं। त्रिस्तरीय एग्रीमेंट मैकेनिज़्म के लीज़ पर ज़मीन देने के लिए विमेन इकोनॉमिक डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन, ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर और संबंधित एग्जीक्यूटिव मैकेनिज़्म के बीच एक मज़बूत तीन-तरफ़ा एग्रीमेंट साइन किया जाएगा। रेवेन्यू डिपार्टमेंट की तरफ से डिप्टी कलेक्टर इस एग्रीमेंट का लीगल प्रोसेस पूरा करेंगे। सरकारी ज़मीनों के साथ-साथ अब किसान या कोई भी ज़मीन का मालिक अपनी प्राइवेट ज़मीन को बिना वजह खाली या बंजर नहीं रख पाएगा। उसका इस्तेमाल सही खेती या चारा उगाने के लिए करना ज़रूरी होगा।
ये भी पढ़े: Gondia News: सरकारी सेवाएं अब एक ही छत के नीचे, गोंदिया में जनभागीदारी महाशिविर
अर्बन अथॉरिटी की ज़मीनों का भी इस्तेमाल होगा
इस स्कीम का दायरा सिर्फ़ ग्रामीण इलाकों तक ही सीमित नहीं है, इसे अर्बन और सेमी-अर्बन अथॉरिटी के इलाकों में भी लागू किया जाएगा। MMRDA, PMRDA, NMRDA, CIDCO और दूसरी सभी लोकल अथॉरिटी के अधिकार क्षेत्र में आने वाली रेवेन्यू डिपार्टमेंट की सभी खाली और बेकार ज़मीनों को अपने कब्ज़े में लेकर इस प्रोजेक्ट के लिए इस्तेमाल किया जाएगा।
रोजगार के साथ ग्रीन ट्रांसफॉर्मेशन – बावनकुले
राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि इस योजना से महिला सेल्फ-हेल्प ग्रुप और बेरोज़गार युवाओं को रोज़गार का एक बड़ा ज़रिया मिलेगा। बेकार ज़मीनों का यह ग्रीन ट्रांसफॉर्मेशन राज्य के खेती और ग्रामीण विकास को एक नई दिशा देगा।
