Devendra Fadnavis On Petrol Diesel Stock (फोटो क्रेडिट-X)
Devendra Fadnavis On Petrol Diesel Stock: महाराष्ट्र में ईंधन की कमी को लेकर फैल रही अफवाहों और ‘ऊर्जा लॉकडाउन’ की अटकलों के बीच मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राज्य की जनता को बड़ी राहत दी है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि महाराष्ट्र में पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त भंडार मौजूद है, इसलिए नागरिकों को घबराने या पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें लगाने की कोई आवश्यकता नहीं है। केंद्र सरकार द्वारा ईंधन पर एक्साइज ड्यूटी में 10 रुपये प्रति लीटर की कटौती के ऐतिहासिक फैसले के बाद, मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी कूटनीति की सराहना की है।
वैश्विक स्तर पर जारी युद्ध और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बावजूद, भारत सरकार ने आम आदमी पर बोझ कम करने के लिए यह ठोस कदम उठाया है। मुख्यमंत्री फडणवीस ने जोर देकर कहा कि जहां पड़ोसी देशों में ईंधन संकट के कारण संस्थान और दफ्तर बंद हो रहे हैं, वहीं भारत अपनी ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने में सफल रहा है। राज्य सरकार ने गैस एजेंसियों पर भी कड़ी नजर रखने के निर्देश दिए हैं ताकि कोई भी कृत्रिम कमी पैदा न कर सके।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मीडिया से बातचीत में बताया कि महाराष्ट्र के पास अगले एक महीने (30 दिन) के लिए पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त बैकअप मौजूद है। उन्होंने जनता से विशेष अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर चल रही ‘शॉर्टेज’ की अफवाहों पर यकीन न करें। सीएम के अनुसार, “यदि लोग डर के मारे जरूरत से ज्यादा ईंधन स्टोर करने लगेंगे, तो इससे डिमांड और सप्लाई के चक्र पर अनावश्यक दबाव बढ़ेगा, जिससे एक कृत्रिम कमी (Artificial Scarcity) पैदा हो सकती है।” सरकार ने आश्वासन दिया है कि आपूर्ति श्रृंखला पूरी तरह सुचारू है।
ईंधन की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए केंद्र सरकार के प्रयासों पर बोलते हुए फडणवीस ने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत ने संकट के समय में बेहतरीन प्रबंधन किया है। एक्साइज ड्यूटी में ₹10 की कटौती का भार तेल कंपनियां वहन करेंगी, जिससे सीधे तौर पर ग्राहकों को फायदा होगा। सीएम ने कहा कि घरेलू एलपीजी (LPG) गैस की आपूर्ति भी सही समय पर सुनिश्चित की जा रही है। कमर्शियल गैस सिलेंडर में की गई कटौती को भी अब धीरे-धीरे सामान्य स्तर (50% रिकवरी) पर लाया जा रहा है, जो व्यापारिक वर्ग के लिए बड़ी राहत है।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट लहजे में चेतावनी दी है कि यदि कोई गैस एजेंसी या डीलर जानबूझकर कमी पैदा करने की कोशिश करता है या उपभोक्ताओं से अतिरिक्त पैसों की मांग करता है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया है कि ऐसी किसी भी गतिविधि की तुरंत शिकायत दर्ज कराएं। सरकार ने अगले पूरे समय के लिए एक ‘मास्टर प्लान’ तैयार किया है, जिससे आने वाले महीनों में भी ईंधन की उपलब्धता बनी रहेगी। प्रशासन अब उन तत्वों पर भी नजर रख रहा है जो ‘लॉकडाउन’ जैसी भ्रामक खबरें फैलाकर अराजकता पैदा करना चाहते हैं।