'गैस कट जाएगा' कहकर, 24 घंटे में 6 के साथ करोड़ों की ठगी, मुंबई में गैस बिल के नाम पर करोड़ों का डिजिटल डकैती

Gas Bill Scam Mumbai: मुंबई में गैस बिल अपडेट के नाम पर 24 घंटे में 6 लोगों से करोड़ों की साइबर ठगी। 2 करोड़ का सबसे बड़ा शिकार। पुलिस ने जारी की सतर्क रहने की चेतावनी।
Gas Bill Scam Mumbai
Gas Bill Scam Mumbai प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स AI)
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तारिक खान @नवभारत 

MGL Fraud Alert Digital Robbery: मायानगरी मुंबई में साइबर अपराधियों ने 'डिजिटल डकैती' का एक ऐसा खौफनाक मंजर पेश किया है, जिसने पुलिस और प्रशासन की नींद उड़ा दी है। पिछले महज 24 घंटों के भीतर, गैस कनेक्शन काटने का डर दिखाकर शहर के 6 प्रतिष्ठित नागरिकों से करोड़ों रुपये की ठगी की गई है। इन पीड़ितों में बड़े व्यापारी, सेवानिवृत्त अधिकारी और निजी कंपनियों के उच्च पदस्थ कर्मचारी शामिल हैं। ठगों ने रसोई का चूल्हा बंद होने के मानवीय डर को अपना हथियार बनाया और आधुनिक तकनीक के जरिए उनके बैंक खातों पर धावा बोल दिया।

मुंबई पुलिस की साइबर सेल के अनुसार, यह गिरोह 'महानगर गैस लिमिटेड' (MGL) के नाम का फर्जी इस्तेमाल कर रहा है। गिरोह के सदस्य ग्राहकों को फोन या मैसेज कर यह चेतावनी देते हैं कि उनका पिछला बिल अपडेट नहीं है या पाइपलाइन बदली जा रही है, जिसके कारण अगले दो घंटे में गैस आपूर्ति बंद कर दी जाएगी। घबराहट में जब ग्राहक उनके द्वारा बताए गए नंबर पर कॉल करता है, तो उसे बातों में उलझाकर मोबाइल का रिमोट एक्सेस ले लिया जाता है और देखते ही देखते जीवन भर की जमा पूंजी साफ कर दी जाती है।

मछली व्यापारी से लेकर प्राइवेट कर्मचारी तक: ठगी का शिकार

इस 'डिजिटल स्ट्राइक' का सबसे बड़ा शिकार एक 39 वर्षीय निजी कर्मचारी हुआ, जिसके खाते से ठगों ने 2 करोड़ रुपये उड़ा लिए। वहीं, देवनार के एक 49 वर्षीय मछली व्यापारी से ढाई लाख रुपये की ठगी की गई। ठगी का सिलसिला यहीं नहीं रुका; दादर के एक व्यापारी से 5 लाख, बांद्रा की एक बुजुर्ग गृहिणी से 90 हजार, अंधेरी के एक युवक से 80 हजार और चेम्बूर की एक रिटायर्ड महिला अधिकारी से 2 लाख रुपये लूट लिए गए। सभी पीड़ितों ने संबंधित पुलिस स्टेशनों में प्राथमिकी दर्ज कराई है, जिससे स्पष्ट होता है कि ठगों ने पूरे मुंबई को अपना निशाना बनाया है।

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APK फाइल और रिमोट ऐप: ठगों का घातक 'हथियार'

साइबर अपराधी बेहद शातिर तरीके से काम कर रहे हैं। वे पीड़ित को सहायता के नाम पर व्हाट्सएप पर एक APK फाइल भेजते हैं या 'AnyDesk' और 'TeamViewer' जैसे सपोर्ट ऐप डाउनलोड करने के लिए मजबूर करते हैं। जैसे ही पीड़ित इन ऐप्स को इंस्टॉल करता है, उसके फोन का पूरा नियंत्रण (Remote Access) ठगों के हाथ में चला जाता है। इसके बाद अपराधी बड़ी आसानी से नेट बैंकिंग के क्रेडेंशियल्स और ओटीपी (OTP) चोरी कर लेते हैं। पीड़ितों को भनक तक नहीं लगती और उनके मोबाइल स्क्रीन के पीछे ही उनका बैंक खाता खाली कर दिया जाता है।

मुंबई पुलिस की चेतावनी: 'अनजान लिंक' से बचें

बढ़ते मामलों को देखते हुए मुंबई पुलिस और साइबर विशेषज्ञों ने एडवाइजरी जारी की है। पुलिस का कहना है कि महानगर गैस लिमिटेड (MGL) कभी भी फोन पर इस तरह से कनेक्शन काटने की धमकी नहीं देता और न ही किसी ऐप को डाउनलोड करने के लिए कहता है। नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें और न ही फोन पर अपनी बैंकिंग जानकारी साझा करें। यदि किसी के साथ ऐसी कोई घटना होती है, तो वे तुरंत 1930 राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर पर सूचित करें ताकि समय रहते ट्रांजेक्शन को फ्रीज किया जा सके।

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