

Shivraj Singh Chouhan Statement: केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने हाल ही में महाराष्ट्र में मानसून की भारी बारिश और बाढ़ के कारण फसलों को हुए भारी नुकसान को लेकर मंगलवार को आश्वासन दिया कि क्षति के आकलन के आधार पर किसानों को राशि दी जाएगी। यह आश्वासन उन्होंने लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान शिवसेना के सदस्य भुमारे एस. आसाराम के प्रश्न का उत्तर देते हुए दिया।
चौहान ने स्पष्ट किया कि नुकसान के आकलन की प्रक्रिया के बाद किसानों के खाते में पैसा डाला जाएगा। उन्होंने कहा कि आकलन 'क्रॉप कटिंग एक्सपेरीमेंट' के माध्यम से किया जाएगा, या यदि राज्य ने मौसम आधारित फसल बीमा योजना अपनाई है तो उसके आधार पर आकलन किया जाएगा।
कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि वह स्वयं महाराष्ट्र का दौरा करके आए हैं और उन्होंने फसलों को हुए नुकसान का जायजा लिया है। उन्होंने सदन को आश्वासन दिया कि फसलों को जितना भी नुकसान हुआ है, आकलन के आधार पर जो भी राशि होगी, केंद्र सरकार उसे फसल बीमा योजना के अंतर्गत दिलाएगी। इसके अतिरिक्त, उन्होंने यह भी बताया कि एनडीआरएफ (राष्ट्रीय आपदा प्रतिकिया कोष) के तहत भी राज्य को राशि दी जाएगी। चौहान ने यह भी पुष्टि की कि महाराष्ट्र सरकार का प्रतिवेदन (रिपोर्ट) केंद्र सरकार को प्राप्त हो गया है। इसी प्रतिवेदन के आधार पर राज्य सरकार को सहायता प्रदान की जाएगी। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि राज्य में जो भी नुकसान हुआ है, उसकी प्रारंभिक भरपाई वहां की सरकार कर रही है और राज्य को आवश्यक राशि भी उपलब्ध कराई गई है।
एक अन्य सदस्य, कांग्रेस के श्रेयस एम पटेल के पूरक प्रश्न के उत्तर में मंत्री ने तमिलनाडु के कोयंबटूर में नारियल की फसल को कीटों के कारण हुए नुकसान का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि इस नुकसान का आकलन किया गया है और विशेषज्ञों की एक टीम भी जांच के लिए भेजी गई थी।
मंत्री चौहान ने सदन को आश्वस्त किया कि अगर कीटनाशकों के कारण यह नुकसान हुआ है तो मैं नुकसान की भरपाई कराऊंगा। उन्होंने वर्ष 2024-25 में फसलों के रिकॉर्ड उत्पादन का भी जिक्र किया, लेकिन साथ ही प्रभावित किसानों को पूरी सहायता देने का आश्वासन दोहराया। यह दिखाता है कि केंद्र सरकार आपदा प्रभावित राज्यों के किसानों की सहायता के लिए प्रतिबद्ध है।