महाराष्ट्र में फ्लाईओवर के नीचे बनेंगे EV चार्जिंग स्टेशन, इलेक्ट्रिक ‘लाल परी’ को मिलेगा बढ़ावा
Maharashtra EV Charging Stations: महाराष्ट्र सरकार ने सार्वजनिक परिवहन को इलेक्ट्रिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। अब फ्लाईओवरों के नीचे खाली जगहों पर EV चार्जिंग स्टेशन विकसित किए जाएंगे।
- Written By: अपूर्वा नायक
महाराष्ट्र EV चार्जिंग प्रोजेक्ट (सौ. सोशल मीडिया )
Maharashtra EV Charging Stations News: महाराष्ट्र सरकार ने सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए अब फ्लाईओवरों के नीचे खाली पड़ी जगहों पर इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन विकसित करने की योजना शुरू की है।
इन चार्जिंग स्टेशनों का उपयोग मुख्य रूप से महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन महामंडल की इलेक्ट्रिक बसों यानी ‘लाल परी’ के लिए किया जाएगा। इसी के साथ ही सरकार ने वर्ष 2035 तक पूरे एमएसआरटीसी बेड़े को इलेक्ट्रिक बनाने की तैयारी किया है।
खाली स्थलों का सर्वेक्षण कर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश
महायुति सरकार ने मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण, महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास महामंडल और सार्वजनिक निर्माण कार्य विभाग को ऐसे फ्लाईओवरों के नीचे उपलब्ध खाली स्थलों का सर्वेक्षण कर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं, जहां चार्जिंग स्टेशन विकसित किए जा सकते हैं।
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राज्य सरकार का लक्ष्य 2047 तक महाराष्ट्र में बड़े पैमाने पर इलेक्ट्रिक मोबिलिटी लागू करना है, जबकि एमएसआरटीसी ने वर्ष 2035 तक अपने पूरे बस बेड़े को इलेक्ट्रक बसों में बदलने का लक्ष्य तय किया है। अधिकारियों के अनुसार इलेक्ट्रिक बसों के विस्तार में चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और जमीन की कमी सबसे बड़ी चुनौती बनकर सामने आ रही है।
इलेक्ट्रिक बसों की बढ़ेगी संचालन क्षमता
मुंबई जैसे घनी आबादी वाले शहरों में नई जमीन उपलब्ध कराना मुश्किल है। ऐसे में फ्लाईओवरों के नीचे की खाली जगह को उपयोग में लाने का प्रस्ताव एक व्यवहारिक और किफायती समाधान माना जा रहा है।
इस प्रस्ताव को लेकर हाल ही में गृह विभाग के माध्यम से एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें एमएसआरटीसी के बढ़ते इलेक्ट्रिक बस बेड़े के लिए जरूरी चार्जिंग नेटवर्क तैयार करने पर चर्चा हुई। बैठक में सरकारी फंडिंग, स्व-वित्तपोषण और पीपीपी मॉडल के जरिए आधुनिक चार्जिंग हब विकसित करने का प्रस्ताव रखा गया।
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एमएसआरटीसी ने पीपीपी मॉडल के तहत राज्यभर में कम से कम 200 चार्जिग स्टेशन स्थापित करने की तैयारी शुरू कर दी है। अधिकारियों का मानना है कि बेहतर चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार होने से इलेक्ट्रिक बसों की संचालन क्षमता बढ़ेगी और महाराष्ट्र में सार्वजनिक परिवहन सेवाएं अधिक मजबूत और टिकाऊ बन सकेंगी।
