

Mumbai News In Hindi: राज्य सरकार ने जनगणना 2027 की तैयारियों के लिए राज्यभर में कानूनी आदेश और प्रशासनिक ढांचा आधिकारिक रूप से जारी कर दिया है।
यह जनगणना पूरी तरह डिजिटल पद्धति से संचालित की जाएगी, जिसमें आधुनिक तकनीक के माध्यम से सटीक और त्वरित डेटा संग्रह पर जोर दिया जाएगा।
इस संदर्भ में निर्णय 23 दिसंबर को सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी किया गया है। इस निर्णय के अनुसार, जिलाधिकारी और संबंधित महापालिकाओं के आयुक्त अपने-अपने कार्यक्षेत्र में प्रधान जनगणना अधिकारी के रूप में जिम्मेदारी संभालेंगे।
राज्य के सभी विभागीय आयुक्तों को विभागीय जनगणना अधिकारी के रूप में नियुक्त किया गया है, जो अपने विभाग में जनगणना के कार्य की देखरेख करेंगे। राज्य की मुंबई, पुणे, नाशिक, नागपुर, ठाणे, पिंपरी-चिंचवड, छत्रपति संभाजीनगर, सोलापुर, कोल्हापुर, सांगली-मिरज-कुपवाड, जलगांव, धुलिया, मालेगांव सहित कुल 30 से अधिक महापालिकाओं में महापालिका आयुक्त जनगणना के प्रमुख अधिकारी होंगे। मुंबई महानगरपालिका में अतिरिक्त आयुक्तों को अतिरिक्त प्रधान जनगणना अधिकारी के रूप में विशेष जिम्मेवारी ली गई है।
जिला स्तर पर निवासी उपजिलाधिकारी को जिला जनगणना अधिकारी और उपविभागीय अधिकारी को उपविभागीय जनगणना अधिकारी के रूप में नियुक्त किया गया है। तहसील स्तर पर तहसीलदार और नायब तहसीलदार ग्रामीण क्षेत्रों की जनगणना की जिम्मेदारी संभालेंगे।
नगर परिषद, नगर पंचायत और छावणी मंडलों में मुख्याधिकारी चार्ज जनगणना अधिकारी होंगे। महानगरों में प्रशासनिक विभागों के अनुसार शहर जनगणना अधिकारी, उपशहर जनगणना अधिकारी और प्रभाग जनगणना अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। क्षेत्रीय गणनाकार और पर्यवेक्षक की नियुक्ति व प्रशिक्षण की जिम्मेदारी इन्हीं अधिकारियों पर होगी।