
तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम मंदिर (सोर्स: सोशल मीडिया)
Navi Mumbai Temple Tirupati Temple: महाराष्ट्र की महायुति सरकार ने धार्मिक पर्यटन और जन आस्था को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (TTD) को नवी मुंबई के प्राइम लोकेशन ‘उलवे’ में रियायती दरों पर भूमि आवंटित करने का निर्णय लिया गया है।
17 जनवरी को आयोजित कैबिनेट मीटिंग के दौरान राज्य सरकार ने उलवे के सेक्टर 12 में स्थित 3.6 एकड़ (लगभग 14,840 वर्ग मीटर) जमीन के आवंटन को औपचारिक रूप दे दिया। यह फैसला पिछले कई महीनों से विचाराधीन था। सरकार ने न केवल जमीन की कीमत ₹1 प्रति वर्ग मीटर तय की है, बल्कि इस प्रोजेक्ट से जुड़े सभी प्रीमियम और इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट चार्जेस को भी पूरी तरह माफ कर दिया है। यह कदम राज्य में धार्मिक बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के दृष्टिकोण से देखा जा रहा है।
प्रस्तावित मंदिर का स्थान भौगोलिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह प्लॉट नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट और नवनिर्मित अटल सेतु (MTHL) के बेहद करीब स्थित है। सीआईडीको (CIDCO) के तहत विकसित हो रहे उलवे क्षेत्र में जमीन की बाजार कीमतें आसमान छू रही हैं, ऐसे में सरकार द्वारा दी गई यह रियायत ट्रस्ट के लिए एक बड़ा प्रोत्साहन है। शुरुआत में CIDCO ने इसे मानक नीति के तहत बाजार दर पर देने का प्रस्ताव रखा था, लेकिन TTD ने पूर्व के उदाहरणों का हवाला देते हुए रियायती दर की मांग की थी, जिसे कैबिनेट ने स्वीकार कर लिया।
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यह महाराष्ट्र में TTD को दिया गया तीसरा प्रमुख आवंटन है। इससे पहले बांद्रा ईस्ट में भी ट्रस्ट को इसी तरह की रियायत दी गई थी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि ट्रस्ट के गैर-लाभकारी और धार्मिक स्वरूप को देखते हुए यह विशेष छूट दी गई है। मंदिर का निर्माण पारंपरिक द्रविड़ वास्तुकला (Dravidian Architecture) के अनुसार किया जाएगा। यह मंदिर तिरुपति के मुख्य मंदिरों की एक सुंदर प्रतिकृति होगा, जिससे महाराष्ट्र और आसपास के भक्तों को आंध्र प्रदेश जाने की अनिवार्य आवश्यकता नहीं होगी।
परियोजना को लेकर उठ रही पर्यावरणीय चिंताओं पर भी स्थिति स्पष्ट हो चुकी है। जुलाई 2025 में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने इस संबंध में एक याचिका को खारिज कर दिया था। ट्रस्ट और सरकार ने सुनिश्चित किया है कि निर्माण कार्य मैंग्रोव बफर ज़ोन के बाहर होगा और तटीय नियमन क्षेत्र (CRZ) के सभी दिशानिर्देशों का कड़ाई से पालन किया जाएगा। मंदिर परिसर के निर्माण, रखरखाव और प्रबंधन की पूरी जिम्मेदारी स्वयं TTD वहन करेगा।






