महाराष्ट्र कैबिनेट के बड़े फैसले: MSME ठेकेदारों को राहत, ITI संस्थानों में 'PM-सेतु' योजना को मिली हरी झंडी

Maharashtra Cabinet Decision: महाराष्ट्र सरकार ने कैबिनेट बैठक में पीएम-सेतु योजना लागू करने, MSME ठेकेदारों को TReDS से राहत और भूमि-स्टांप नियमों में अहम बदलावों को मंजूरी दी गई।
Maharashtra Government Cabinet Meeting Decision
कैबिनेट बैठक में मौजूद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Maharashtra Government Cabinet Meeting News: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई हालिया कैबिनेट बैठक में राज्य के औद्योगिक और सामाजिक ढांचे को मजबूत करने वाले कई अहम प्रस्तावों को पारित किया गया। सरकार ने जहां एक ओर कौशल विकास (ITI) पर ध्यान केंद्रित किया है, वहीं दूसरी ओर बुनियादी ढांचा क्षेत्र के छोटे उद्यमियों को वित्तीय राहत देने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं।

पीएम-सेतु योजना को मंजूरी

महाराष्ट्र सरकार ने राज्य के युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार खोलने के उद्देश्य से 'पीएम-सेतु' (प्रधानमंत्री कौशल और रोजगार क्षमता परिवर्तन) योजना को राज्य में लागू करने का निर्णय लिया है। इस योजना का प्राथमिक लक्ष्य सरकारी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (ITI) के बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाना और प्रशिक्षण की गुणवत्ता में सुधार करना है।

याेजना का चरणबद्ध विस्तार

  • प्रथम चरण: नागपुर, छत्रपति संभाजीनगर और पुणे के आईटीआई संस्थानों में इसे प्राथमिकता के साथ लागू किया जाएगा।
  • अगला लक्ष्य: पहले चरण की सफलता के बाद, इसे राज्य के अन्य जिलों में विस्तारित किया जाएगा ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के छात्र भी इसका लाभ उठा सकें।

MSME ठेकेदारों के लिए बड़ी राहत

लोक निर्माण विभाग (PWD) से जुड़े सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs) के लिए सरकार ने एक क्रांतिकारी निर्णय लिया है। अब ठेकेदारों के लंबित बिलों और भुगतानों को निपटाने के लिए 'ट्रेड रिसीवेबल्स डिस्काउंटिंग सिस्टम' (TReDS) प्लेटफॉर्म का उपयोग किया जाएगा। इससे नकदी के प्रवाह में सुधार होगा और छोटे ठेकेदारों को आर्थिक तंगी से नहीं जूझना पड़ेगा।

सहकारी और औद्योगिक क्षेत्र का पुनरुद्धार

महाराष्ट्र सरकार ने धुले स्थित 'जवाहर शेतकरी सहकारी कताई मिल' को फिर से चालू करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस मिल के पुनरुद्धार के लिए वित्तीय मदद प्राप्त करने हेतु एक विस्तृत प्रस्ताव राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (NCDC) को भेजा जाएगा। यह कदम स्थानीय रोजगार और कपड़ा उद्योग के लिए संजीवनी साबित होगा।

भूमि राजस्व और स्टांप शुल्क में संशोधन

मंत्रिमंडल ने भूमि संबंधी नीतियों में भी लचीलापन दिखाते हुए कुछ बड़े बदलाव किए हैं। इसमें लीज अवधि का विस्तार, शत्रु संपत्ति पर छूट शामिल है।

लीज अवधि का विस्तार: महाराष्ट्र भूमि राजस्व संहिता, 1966 के तहत विभिन्न उद्देश्यों के लिए आवंटित सरकारी भूखंडों की लीज अवधि बढ़ाने की अनुमति दी गई है। विशेष रूप से 30 वर्षों की लीज वाले मामलों को अब नियमों के तहत राहत मिलेगी।

शत्रु संपत्ति पर छूट: केंद्र या राज्य सरकार के नियंत्रण वाली 'शत्रु संपत्ति' (Enemy Property) की खरीद-फरोख्त पर लगने वाले स्टांप शुल्क (Stamp Duty) को पूरी तरह माफ करने का निर्णय लिया गया है।

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