

MMRDA Clarification Mira Bhayandar Flyover Controversy: मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (MMRDA) ने ठाणे जिले के मीरा-भाईंदर फ्लाईओवर के डिजाइन को लेकर चल रहे विवाद पर चुप्पी तोड़ी है। प्राधिकरण के अनुसार, गोल्डन नेस्ट सर्कल पर ट्रैफिक दबाव कम करने और भविष्य में भयंदर वेस्ट से कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने के लिए ही इस ढांचे को वर्तमान स्वरूप दिया गया है।
मीरा रोड और भाईंदर को जोड़ने वाले एक फ्लाईओवर का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में साफ दिख रहा है कि फ्लाईओवर एक शानदार चार-लेन सड़क से शुरू होता है, लेकिन बीच में सड़क अचानक पतली हो जाती है और दूसरे छोर पर सिर्फ दो लेन की रह जाती है। सोशल मीडिया पर इस नवनिर्मित फ्लाईओवर को लेकर जमकर ट्रोलिंग होती है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए, MMRDA ने आधिकारिक तौर पर स्पष्ट किया है कि यह कोई 'डिजाइन दोष' नहीं है।
प्राधिकरण के मुताबिक, फ्लाईओवर का निर्माण उपलब्ध सड़क स्थान और भविष्य की कनेक्टिविटी आवश्यकताओं के अनुरूप किया गया है।, वर्तमान में, फ्लाईओवर की दो लेन भयंदर ईस्ट से जुड़ी हैं, जबकि अन्य दो बाहरी लेन को भविष्य में वेस्टर्न रेलवे लाइन के पार भयंदर वेस्ट से जोड़ने की योजना है।
यह फ्लाईओवर विशेष रूप से गोल्डन नेस्ट सर्कल पर यातायात को व्यवस्थित करने के लिए डिजाइन किया गया है, जहां पांच प्रमुख सड़कें आपस में मिलती हैं और वाहनों का भारी दबाव रहता है। यह प्रोजेक्ट मेट्रो के साथ एकीकृत एक 2+2 लेन का फ्लाईओवर है, जिसके दोनों ओर स्लिप रोड दी गई हैं ताकि यातायात सुगमता से चल सके। अधिकारियों ने बताया कि भयंदर ईस्ट की ओर जाने वाले हिस्से में उपलब्ध मार्ग (Right-of-way) कम होने के कारण, बीच में 1+1 लेन का फ्लाईओवर बनाया गया है ताकि रेलवे फाटक रोड की ओर बिना किसी रुकावट के आवाजाही हो सके।
MMRDA ने यह भी जानकारी दी कि भविष्य में विस्तार के लिए प्रावधान रखा गया है। योजना के अनुसार, ईस्ट-वेस्ट कनेक्टिविटी को और बेहतर बनाने के लिए दोनों कैरिजवे पर अतिरिक्त 1+1 लेन जोड़ी जाएगी। यह प्रस्ताव फिलहाल योजना चरण में है और मीरा-भयंदर नगर निगम (MBMC) के साथ समन्वय और आवश्यक मंजूरी मिलने के बाद इस पर काम शुरू होगा।
सार्वजनिक उपयोग के लिए खुलने से पहले सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा गया है। इसमें रंबल स्ट्रिप्स, पर्याप्त साइनेज, रेट्रो-रिफ्लेक्टिव टैग, दिशात्मक बोर्ड और एंटी-क्रैश बैरियर जैसे सुरक्षा उपाय शामिल किए गए हैं। इसके अलावा, अतिरिक्त सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ट्रैफिक पुलिस का मार्गदर्शन भी लिया जा रहा है।