Devendra Fadnavis budget (सोर्सः सोशल मीडिया)
Maharashtra Budget 2026: देश के प्रगतिशील राज्यों में अग्रणी माने जाने वाले महाराष्ट्र का वार्षिक बजट तीसरी बार किसी मुख्यमंत्री द्वारा स्वयं पेश किया गया है। शुक्रवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विधानसभा में राज्य का बजट प्रस्तुत किया। इससे पहले महाराष्ट्र के पहले मुख्यमंत्री यशवंतराव चव्हाण और पूर्व मुख्यमंत्री वसंतराव नाईक भी वित्तमंत्री के रूप में विधानसभा में बजट पेश कर चुके हैं।
बजट पेश करने के बाद आयोजित पत्रकार वार्ता में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि राजस्व और राजकोषीय घाटे के बावजूद यह बजट आर्थिक अनुशासन के साथ 2047 तक विकसित महाराष्ट्र के लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ने वाला है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की कर्जमाफी का वादा सरकार निभाने जा रही है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिण योजना पहले की तरह जारी रहेगी। किसानों को मुफ्त बिजली देने के लिए बजट में 20 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री कृषि सौर योजना के तहत 14 हजार मेगावाट बिजली उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही राज्य में 1 हजार तक की आबादी वाले सभी गांवों के रास्तों का सीमेंटीकरण किया जाएगा।
2026- 27 च्या आर्थिक वर्षासाठीचा ₹7,69,467 कोटींचा अर्थसंकल्प महायुती सरकारच्यावतीने सादर महायुति सरकार की ओर से वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ₹7,69,467 करोड़ का बजट प्रस्तुत। (‘महाराष्ट्राचा अर्थसंकल्प 2026-27’ च्या सादरीकरणानंतर पत्रकार परिषद | मुंबई | 6-3-2026)#Maharashtra… pic.twitter.com/FjPddRX1e7 — Devendra Fadnavis (@Dev_Fadnavis) March 6, 2026
मुख्यमंत्री ने इस बजट को प्रगतिशील, सर्वसमावेशी, शाश्वत और सुशासन इन चार स्तंभों पर आधारित बताया। राज्य पर बढ़ते कर्ज के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि लगभग 51 लाख करोड़ रुपये की अर्थव्यवस्था वाले महाराष्ट्र पर 10 लाख करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज आर्थिक मानकों के अनुसार संतुलित माना जा सकता है।
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मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि राज्य के 28 से 30 लाख किसानों को 2 लाख रुपये तक की कर्जमाफी देने से सरकार पर लगभग 35 हजार करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ सकता है। उन्होंने बताया कि इस बार एग्रिस्टेक (Agristech) तकनीक के माध्यम से किसानों की कर्जमाफी की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी बनाई जाएगी। साथ ही नियमित रूप से कर्ज चुकाने वाले किसानों को 50 हजार रुपये तक का प्रोत्साहन अनुदान भी दिया जाएगा।