मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (सोर्स: साेशल मीडिया)
Ahilyabai Holkar Farmer Loan Waiver Scheme: खेती-किसानी के संकट को दूर करने और अन्नदाताओं को आर्थिक संबल प्रदान करने की दिशा में सरकार ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। मुख्यमंत्री ने आज आधिकारिक रूप से ‘पुण्यश्लोक अहिल्याबाई होल्कर किसान कर्ज माफी योजना’ के शुभारंभ की घोषणा की। इस महत्वाकांक्षी योजना का मुख्य उद्देश्य उन किसानों के सिर से कर्ज का बोझ कम करना है, जो पिछले कुछ समय से खराब मौसम और बाजार की अनिश्चितताओं के कारण वित्तीय दबाव में थे।
सरकार द्वारा जारी गाइडलाइंस के अनुसार, यह योजना विशेष रूप से उन योग्य किसानों के लिए है, जिनका 30 सितंबर 2025 तक का फसल ऋण (Crop Loan) बकाया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि कर्ज माफी की प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए एक उच्च-स्तरीय कमेटी का गठन किया गया है। यह कमेटी पात्रता के मानदंडों की बारीकी से जांच करेगी ताकि लाभ सीधे जरूरतमंद किसानों तक पहुंचे।
इस योजना की सबसे खास बात यह है कि यह केवल डिफ़ॉल्टरों के लिए नहीं है। सरकार ने उन किसानों की भी सुध ली है जो अपनी किश्तें समय पर चुकाते रहे हैं। ऐसे नियमित किसानों को प्रोत्साहन के रूप में 50,000 रुपये तक की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। सरकार का मानना है कि इस कदम से बैंकिंग अनुशासन बना रहेगा और ईमानदार किसानों का मनोबल बढ़ेगा।
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केवल कर्ज माफी ही नहीं, बल्कि सरकार ने आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए भी अपनी प्राथमिकताएं स्पष्ट कर दी हैं। बजट घोषणा के अनुसार, अनुसूचित जातियों (Scheduled Castes) के कल्याण और विकास के लिए 23,150 करोड़ रुपये का भारी-भरकम फंड आवंटित किया गया है। इस राशि का एक बड़ा हिस्सा ग्रामीण बुनियादी ढांचे और कृषि आधारित स्वरोजगार योजनाओं पर खर्च किया जाएगा।
जल्द ही सरकार इस योजना के लिए एक समर्पित पोर्टल लॉन्च करेगी। किसानों को अपने आधार कार्ड, भूमि के दस्तावेज और बैंक ऋण संबंधी कागजात तैयार रखने की सलाह दी गई है। कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर अगले कुछ हफ्तों में लाभार्थियों की सूची ग्राम पंचायत स्तर पर जारी की जाएगी।