हाईटेक मुंबई पुलिस (सौ. एआई जनरेटेड )
Maharashtra Police Digital Monitoring System: कॉल पर सबसे पहले पहुंचने वाली मुंबई पुलिस को जल्द ही बॉडी वॉर्न कैमरों से लैस किया जाएगा।
पुलिसकर्मी बॉडी पर कैमरे लगाकर काम करेंगे, जो अमेरिका की तर्ज पर महाराष्ट्र पुलिस की कार्यप्रणाली को और अधिक पारदर्शी बनाएगा। हाल के दिनों में कई ऐसे मामले सामने आए हैं जब मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मियों और यातायात पुलिस के साथ बदसलूकी की गई।
इसी को ध्यान में रखते हुए आधुनिक निगरानी की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए राज्य के पुलिसकर्मियों को बॉडीवियर कैमरे उपलब्ध कराए जा रहे हैं। ये बॉडी कैमरे तीन साल में चरणबद्ध तरीके से उपलब्ध कराए जाएंगे। वर्तमान में 230 यूनिटों की खरीद प्रक्रिया चल रही है।
पुलिस अधिकारी मानते हैं कि कैमरों की रिकॉर्डिंग से तथ्य स्पष्ट हो जाते हैं। विवाद की गुंजाइश कम रहती है और निष्पक्ष जांच संभव हो पाती है। इन कैमरों से पुलिसकर्मियों का आचरण भी रिकॉर्ड होता रहेगा। यदि किसी पुलिसकर्मी के व्यवहार की शिकायत आती है, तो रिकॉर्डिंग के आधार पर उसकी सत्यता आसानी से जांची जा सकेगी।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इमरजेंसी कॉल पर सबसे पहले पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचता है। ऐसे में हालात को पेशेवर तरीके होता से संभालना बेहद महत्वपूर्ण है। बॉडी वॉर्न कैमरे रियल टाइम में घटनाओं की रिकॉर्डिंग करते हैं। जिससे सटीक डिजिटल साक्ष्य तैयार होता है। यह जांच, अदालती कार्यवाही या आंतरिक समीक्षा में बहुत सहायक साबित हो सकता है।
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साइबर सुरक्षा नीति के तहत मजबूत सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उन्नत और आधुनिक डेटा सेंटरों के से डेटा सुरक्षा बुनियादी ढांचे को और मजबूत किया जा रहा है। मुंबई में 1,150 एआई-सक्षम सीसीटीवी कैमरे लगेंगे, जिनमें से 500 मौजूदा यूनिटों को उन्नत वीडियो विश्लेषण के लिए अपग्रेड किया जाएगा।