Maharashtra assembly condolence motion (सोर्सः सोशल मीडिया)
Maharashtra Assembly Condolence Motion: महाराष्ट्र विधानमंडल के बजट सत्र के पहले दिन दिवंगत उपमुख्यमंत्री अजित पवार सहित अन्य पूर्व सदस्यों के निधन पर शोक प्रस्ताव पेश किया गया। पूरा सदन भावनात्मक वातावरण में डूबा रहा और कई सदस्य अजित की यादें बयां करते हुए भावुक हो गए। इस मौके पर विधानसभा अध्यक्ष एडवोकेट राहुल नार्वेकर ने अजित के योगदान को याद करते हुए घोषणा की कि उनकी स्मृति को चिरस्थायी बनाने के लिए विधिमंडल परिसर में एक ‘स्मृतिस्थल’ बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि अजित की कार्यशैली आने वाली पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शक साबित होगी।
इससे पहले मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विधानसभा में शोक प्रस्ताव रखा। इसमें अजित पवार के अलावा पूर्व मंत्री सुरूपसिंग नाईक, डॉ. शालिनीताई पाटील, पूर्व राज्यमंत्री राज पुरोहित और अन्य दिवंगत सदस्यों को श्रद्धांजलि दी गई। विधान परिषद की उपसभापति डॉ. नीलम गोर्हे ने कहा, “राजनीति में भूमिकाएं अलग हो सकती हैं, लेकिन समाजकार्य के मुद्दों पर अजितदादा की सोच हमेशा सर्वसमावेशक थी।” उन्होंने यह भी कहा कि दुख किसी एक पार्टी का नहीं होता और पूरे महाराष्ट्र को एकजुट रहने की जरूरत है।
चिकित्सा शिक्षण मंत्री हसन मुश्रीफ भाषण के अंत में सदन में भावुक हो गए। उन्होंने कहा, “हर बार शपथ लेते समय अजित कहते थे कि मेरे बाद तुम शपथ लो। इतना स्नेह देने वाला नेता इस तरह अचानक चला जाएगा, यह मन मान नहीं पा रहा।” महिला व बाल विकास मंत्री आदिती तटकरे भी बोलते-बोलते भावुक हो गईं। उन्होंने कहा, “दादा अकेले नहीं गए, वे हम कार्यकर्ताओं का रौब और अभिमान भी साथ ले गए।”
शोक प्रस्ताव पर बोलते हुए राकां (शरद पवार गुट) के विधायक रोहित पवार भावुक हो गए। उन्होंने कहा, “काका मुझे कहते थे, शरीर का वजन कम करो, राजनीति में वजन बढ़ाओ। मैं यह वादा करता हूं कि जब 40-50 साल बाद उनसे मिलूंगा, तो शान से सिर उठाकर खड़ा रहूंगा।” उन्होंने यह भी कहा कि जो भी इस हादसे का दोषी होगा, उसे सजा दिलाए बिना वे चैन से नहीं बैठेंगे।
शिवसेना (ठाकरे गुट) के विधायक भास्कर जाधव और राकां (शरद पवार गुट) के विधायक जयंत पाटील ने इस विमान हादसे की उच्चस्तरीय जांच की मांग की। जयंत पाटील ने कहा कि किसी वरिष्ठ नेता के विमान से जुड़ा ऐसा हादसा बेहद गंभीर है और इसका स्पष्ट कारण सामने आना चाहिए।
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कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने अजित दादा की प्रशासनिक पकड़ की सराहना की। उन्होंने कहा कि अजित का शब्द ही काम की गारंटी होता था। 11 बार बजट पेश करने वाले अजित ने ‘लाडली बहन’ जैसी योजनाओं और कोरोना काल के आर्थिक प्रबंधन से अपनी योग्यता सिद्ध की थी। उन्होंने अफसोस जताया कि महाराष्ट्र का मुख्यमंत्री बनने का उनका सपना अधूरा रह गया।
वरिष्ठ भाजपा नेता सुधीर मुनगंटीवार ने सुझाव दिया कि अजित पवार के जीवन पर एक गौरव ग्रंथ और उनके भाषणों का संकलन विधिमंडल द्वारा प्रकाशित किया जाए। शोक प्रस्ताव के अंत में सदन के सभी सदस्य दो मिनट मौन खड़े रहकर महाराष्ट्र के इस कद्दावर नेता को श्रद्धांजलि दी।