मध्य रेलवे ने स्क्रैप बिक्री से कमाए 404.72 करोड़ रुपये, ‘जीरो स्क्रैप स्टेटस’ मिशन को बढ़ावा

Central Railway ने वर्ष 2025-26 में स्क्रैप निपटान से 404.72 करोड़ रुपये अर्जित किए हैं। ‘जीरो स्क्रैप स्टेटस’ मिशन के तहत अनुपयोगी सामग्री की बिक्री से पिछले वर्ष की तुलना में अधिक राजस्व मिला।
Central Railway scrap revenue
सेंट्रल रेलवे स्क्रैप रेवेन्यू (सौ. सोशल मीडिया )
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Central Railway Scrap Sale Revenue: मुंबई स्थित मध्य रेलवे ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में स्क्रैप निपटान के जरिए उल्लेखनीय राजस्व अर्जित किया है।

11 फरवरी 2026 तक रेलवे ने अनुपयोगी सामग्री की बिक्री से 404.72 करोड़ रुपये जुटाए। यह आंकड़ा पिछले वित्तीय वर्ष 2024-25 की समान अवधि में प्राप्त 393.65 करोड़ रुपये की तुलना में लगभग 2.81 प्रतिशत अधिक है।

‘जीरो स्क्रैप स्टेटस’ मिशन पर जोर

रेलवे अधिकारियों के अनुसार, “जीरो स्क्रैप स्टेटस” मिशन के तहत अनुपयोगी पड़ी सामग्री की समयबद्ध पहचान और निपटान पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य बेकार पड़ी संपत्तियों को राजस्व में परिवर्तित करना और यार्ड व वर्कशॉप में जगह खाली करना है।

विभिन्न श्रेणियों का निपटान

स्क्रैप बिक्री में 40,177 मीट्रिक टन रेल पर्मानेंट-वे सामग्री, 2,55,318 स्लीपर, 25,790 मीट्रिक टन फेरस स्क्रैप और 3,325 मीट्रिक टन नॉन-फेरस स्क्रैप शामिल है। इसके अतिरिक्त 47 लोकोमोटिव, 70 कोच और 110 वैगनों का भी निष्पादन किया गया। यह कार्रवाई सुनियोजित प्रक्रिया के तहत की गई।

भुसावल डिवीजन अव्वल

स्क्रैप निपटान से प्राप्त राजस्व में भुसावल डिवीजन ने सर्वाधिक 97.72 करोड़ रुपये का योगदान दिया। स्टोर विभाग ने कुर्ला कटिंग यार्ड, ट्रैक्शन मशीन वर्कशॉप (नासिक), परेल वर्कशॉप और मनमाड वर्कशॉप सहित पांचों मंडलों में फैले स्क्रैप की पहचान कर विशेष अभियान चलाया। मध्य रेलवे की यह पहल न केवल संसाधनों के बेहतर प्रबंधन को दर्शाती है, बल्कि रेलवे की आय बढ़ाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

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