जेल में नहीं रहेंगे पूर्णिया सांसद पप्पू यादव, पटना सिविल कोर्ट से मिली जमानत

Pappu Yadav Bail: बिहार के पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव को बड़ी राहत मिली। पटना सिविल कोर्ट ने सुनवाई के बाद उन्हें जमानत दे दिया है। छह फरवरी को पटना पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया था।
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पूर्णिया सांसद पप्पू यादव, (सोर्स-सोशल मीडिया)
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Pappu Yadav Bail: बिहार के पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव को कानूनी मोर्चे पर बड़ी कामयाबी मिली है। पटना स्थित सिविल कोर्ट ने उन्हें एक पुराने आपराधिक मामले में नियमित जमानत (Regular Bail) दे दी है। इस फैसले के बाद यह साफ हो गया है कि पप्पू यादव फिलहाल सलाखों के पीछे नहीं रहेंगे। उनके वकीलों ने अदालत में दलील दी कि जिस मामले में उन्हें आरोपित किया गया है, उसमें उनकी सीधी संलिप्तता के पर्याप्त सबूत नहीं हैं और वे जांच में पूरा सहयोग कर रहे हैं।

बता दें कि पटना पुलिस ने शुक्रवार आधी रात को उन्हें 31 साल पुराने एक मामले में गिरफ्तार किया था। शनिवार को उन्हें कोर्ट में पेश किया गया, जिसके बाद अदालत ने उन्हें दो दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था।

पीएमसीएच कैदी वार्ड में हुए थे भर्ती

सांसद पप्पू यादव की तबीयत खराब होने के चलते उन्हें पीएमसीएच के कैदी वार्ड में भर्ती कराय गया था। इसके बाद उनकी सेहत में सुधार होने के बाद रविवार को बेऊर जेल में शिफ्ट कर दिया गया। सांसद की जमानत अर्जी पर आज मंगलवार को पटना सिविल कोर्ट में हुई। इस दौरान कोर्ट ने उन्हें जमानत देने का फैसला सुनाया।

6 जनवरी की रात को हुई थी गिरफ्तारी

दरअसल, सांसद पप्पू यादव को पटना के मंदिरी आवास पर 6 जनवरी की आधी रात को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी से पहले मौके पर खूब हंगामा हुआ। पप्पू यादव और उनके समर्थक पुलिसकर्मियों से वारंट को लेकर बहस करने लगे। रात 11 बजे सिटी एसपी भानु प्रताप सिंह वहां पहुंचे। काफी मशक्कत के बाद पुलिस सांसद को गिरफ्तार कर आईजीआईएमएस लेकर गई।

किस केस में गिरफ्तार हुए हैं पप्पू यादव

पटना के पुनाईचक के एक मकान को 1995 में कब्जा करने के आरोप में सांसद राजीव रंजन उर्फ पप्पू यादव पर शास्त्रीनगर टीओपी में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। बाद में यह केस गर्दनीबाग थाने में स्थानांतरित किया गया। तब शास्त्रीनगर टीओपी गर्दनीबाग थाना के अधीन था। पुलिस का कहना है कि मकान मालिक विनोद बिहारी लाल का आरोप है कि उसने जिस व्यक्ति को किराए पर मकान दिया था उसने पप्पू यादव के एक करीबी को बाद में दे दिया।

मकान में राजनीतिक दल का कार्यालय संचालित किया जाने लगा। इससे मकान मालिक नाराज थे और उसने थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई। लगभग 31 साल से यह केस एमपी- एमएलए कोर्ट में चल रहा है। पुलिस कई दिनों से वारंट लेकर घूम रही थी।

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