कांजुरमार्ग गारबेज डिपो में लगेंगे बांस के जंगल, जल्द शुरू होगा कचरे से बिजली बनाने का प्रोजेक्ट
Kanjurmarg Garbage Depot: मुंबई के कांजुरमार्ग गारबेज डिपो में बदबू कम करने के लिए बांस के जंगल लगाने और कचरे से बिजली बनाने का प्रोजेक्ट जल्द शुरू होगा, डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने दिए निर्देश।
- Written By: सूर्यप्रकाश मिश्र | Edited By: आंचल लोखंडे
EKNATH SHINDE (सोर्सः सोशल मीडिया)
Mumbai Waste Management: मुंबई के पूर्वी उपनगर कांजुरमार्ग में गारबेज डिपो की वजह से इलाके के लोगों को होने वाली बदबू की समस्या को दूर करने के लिए कचरा डिपो क्षेत्र में ग्रीन फॉरेस्ट बढ़ाने बांस लगाने और कचरे से बिजली बनाने वाला प्रोजेक्ट जल्द शुरू किए जाने का निर्देश दिया गया है।
इस मुद्दे को लेकर बुधवार को मंत्रालय में डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे की अध्यक्षता में बैठक बुलाई गई। बैठक में निर्णय लिया गया कि कचरा डिपो में एंटी-ओडर स्प्रे बढ़ाया जाए। गारबेज डिपो में बड़े पैमाने पर बांस लगाए जाएं। गारबेज डिपो के एरिया में कचरे को रेजिडेंशियल एरिया के पास प्रोसेस करने के बजाय, इसे काफी दूर किया जाए। डिप्टी चीफ मिनिस्टर शिंदे ने निर्देश दिए कि हाई कोर्ट के दिए गए निर्देशों का पालन किया जाए।
डीसीएम एकनाथ शिंदे ने बैठक में दिए निर्देश
मंत्रालय में हुई मीटिंग में चीफ सेक्रेटरी राजेश अग्रवाल, डिप्टी चीफ मिनिस्टर के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी असीम कुमार गुप्ता, प्रिंसिपल सेक्रेटरी नवीन सोना, अर्बन डेवलपमेंट डिपार्टमेंट के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी डॉ. गोविंदराज, मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के एडिशनल कमिश्नर विपिन शर्मा, एनवायरनमेंट डिपार्टमेंट की प्रिंसिपल सेक्रेटरी जयश्री भोज, ठाणे म्युनिसिपल कमिश्नर सौरभ राव मौजूद थे। मुंबई म्युनिसिपल कमिश्नर अश्विनी भिड़े और मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन की म्युनिसिपैलिटी के कमिश्नरों ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के ज़रिए हिस्सा लिया।
सम्बंधित ख़बरें
शिक्षा बोर्ड कर्मचारियों का आंदोलन समाप्त, शिक्षा आयुक्त के साथ सकारात्मक चर्चा के बाद काम पर लौटे कर्मचारी
विरार में दोहरा हत्याकांड: शादी से इनकार पर प्रेमी का खूनी खेल, प्रेमिका और उसकी मां की बेरहमी से हत्या
महाराष्ट्र को मिली दो नई अमृत भारत एक्सप्रेस, नासिक-त्र्यंबकेश्वर के पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
मीरा-भाईंदर: जनगणना 2027 की तैयारी तेज, आयुक्त ने किया प्रशिक्षण का निरीक्षण
6200 टन कचरे का रोजाना प्रोसेस
कांजुरमार्ग में मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के वेस्ट ट्रीटमेंट प्लांट में रोज़ाना करीब 6,200 टन वेस्ट प्रोसेस किया जाता है। यह काम तीन तरीकों से किया जाता है। वेस्ट को ज़मीन में स्टोर करना, कम्पोस्ट बनाना और वेस्ट को छांटना। एडिशनल कमिश्नर शर्मा ने बताया कि अब तक करीब 190 लाख मीट्रिक टन वेस्ट प्रोसेस किया जा चुका है। इस एरिया में बदबू रोकने के लिए बायोलॉजिकल सॉल्यूशन (बायोएंजाइम स्प्रे) का स्प्रे करना, मिट्टी बिछाना, लैंडफिल गैस मैनेजमेंट सिस्टम लागू करना, साथ ही मिस्टिंग प्रोसेस जैसे उपाय किए जा रहे हैं।
ये भी पढ़े: म्हाडा घोटाला: नगर नियोजन विभाग का बिल्डरों पर हंटर, 168 लोगों की सुनवाई के बाद बड़ी कार्रवाई
बदबु रोकने की कवायद
डिप्टी सीएम शिंदे ने कहा हाई कोर्ट के दिए गए निर्देशों का पालन किया जाना चाहिए ताकि इस इलाके में रहने वालों को बदबू से परेशान न होना पड़े। शिंदे ने यह भी निर्देश दिया कि मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन वेस्ट टू एनर्जी जैसे लंबे समय के सॉल्यूशन प्रोजेक्ट के लिए ज़रूरी टेक्निकल पहलुओं की जांच करके इस प्रोजेक्ट को तुरंत शुरू करने के लिए कदम उठाए।
बदबु रोकने की कवायद
जिस इलाके में रेजिडेंशियल एरिया कचरा डिपो के पास है, वहां फर्टिलाइजर, RDF जैसे बदबूदार प्रोसेस नहीं किए जाने चाहिए। उन्हें 500 मीटर से ज़्यादा दूर के इलाकों में किया जाना चाहिए ताकि रहने वालों को बदबू से परेशान न होना पड़े और नागरिकों की सेहत का भी ध्यान रखा जा सके।
