Kalyan:बिल्डर की बड़ी धोखाधड़ी: ‘गणी हाईट्स’ में 7 की जगह तान दी 9 मंजिलें, पुलिस ने दर्ज किया केस
Kalyan Illegal Construstion Case: कल्याण में अवैध निर्माण पर बड़ी कार्रवाई। 7 मंजिल की परमिशन लेकर 9 मंजिल बनाने वाले बिल्डर झुबेर पठान के खिलाफ एमआरटीपी एक्ट के तहत मामला दर्ज।
- Written By: केतकी मोडक
प्रतीकात्मक तस्वीर
Kalyan Illegal Construstion Case: मुंबई से सटे कल्याण-डोंबिवली क्षेत्र में भू-माफियाओं और बिल्डरों की मनमानी के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। ताजा मामला कल्याण पश्चिम के व्यस्ततम डॉ. आंबेडकर रोड का है, जहाँ ‘गणी हाईट्स’ नामक एक निर्माणाधीन इमारत में नियमों की जमकर धज्जियां उड़ाई गई हैं। कल्याण-डोंबिवली नगर निगम (केडीएमसी) से मिली सीमित अनुमति के बावजूद विकासक ने अतिरिक्त मंजिलों का निर्माण कर प्रशासन को खुली चुनौती दी है। इस मामले के उजागर होने के बाद अब संबंधित बिल्डर के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कर लिया गया है।
क्या है पूरा मामला और कैसे हुआ उल्लंघन?
अधिकारिक जानकारी के अनुसार, सीटी सर्वे क्रमांक 1847 के भूखंड पर विकासक जुबेर गणी पठान द्वारा ‘गणी हाईट्स’ का निर्माण किया जा रहा था। मई 2023 में केडीएमसी के नगर रचना विभाग ने इस परियोजना के लिए केवल 7 मंजिल तक निर्माण करने की तकनीकी मंजूरी दी थी। हालांकि, अधिक लाभ कमाने के लालच में नियमों को दरकिनार करते हुए बिल्डर ने चुपके से 8वीं और 9वीं मंजिल का ढांचा भी खड़ा कर दिया। जैसे ही यह बात सामने आई, क्षेत्र में हड़कंप मच गया।
शिकायत के बाद हरकत में आया प्रशासन
इस बड़े अवैध निर्माण की पोल तब खुली जब ठाणे की एक सामाजिक संस्था ने इसकी लिखित शिकायत वरिष्ठ अधिकारियों से की। शिकायत के आधार पर जब जांच की गई, तो पाया गया कि अतिरिक्त दो मंजिलों के लिए किसी भी प्रकार की अनुमति नहीं ली गई थी। पालिका के ‘क’ प्रभाग के अधिकारियों ने इस मामले में विकासक जुबेर गणी पठान को चार बार सुनवाई के लिए नोटिस भेजकर बुलाया और जरूरी दस्तावेज पेश करने को कहा। लेकिन बिल्डर न तो अधिकारियों के सामने पेश हुआ और न ही कोई वैध कागजात दिखा सका।
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कानूनी कार्रवाई और एमआरटीपीए के तहत केस दर्ज
विकासक की ढिठाई को देखते हुए सहायक आयुक्त ने उक्त दोनों मंजिलों को पूरी तरह अवैध घोषित कर दिया। इसके बाद महाराष्ट्र महापालिका अधिनियम की धारा 260(2) और 478 के तहत इन अवैध ढांचों को तत्काल हटाने का सख्त आदेश दिया गया। हैरानी की बात यह है कि आदेश के बावजूद बिल्डर ने काम नहीं रोका और निर्माण पूरा कर लिया। अंततः, पालिका के आदेश की अवहेलना करने पर ‘क’ प्रभाग के अधीक्षक चिंतन बेरडिया की शिकायत पर बाजारपेठ पुलिस स्टेशन में विकासक के खिलाफ एमआरटीपी एक्ट (MRTP Act) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल
इस कार्रवाई के बाद शहर के उन बिल्डरों में भारी हलचल मच गई है, जो कम मंजिल की परमिशन लेकर ज्यादा निर्माण करने के आदी हो चुके हैं। स्थानीय नागरिकों का सीधा आरोप है कि नगर रचना विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत और ढिलाई के कारण ही बिल्डरों के हौसले इतने बुलंद हैं। जानकारों का कहना है कि पुलिस को केवल बिल्डर ही नहीं, बल्कि उन अधिकारियों की भी जांच करनी चाहिए जिनकी निगरानी में यह अवैध निर्माण महीनों तक चलता रहा। फिलहाल, पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है।
