

Nagpur Dumping Yard Scam: नागपुर महानगरपालिका में एक बड़े घोटाले का अंदेशा जताते हुए कांग्रेस पार्षद अभिजीत झा ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए गए हैं। पार्षद और स्थायी समिति के सदस्य अभिजीत झा ने महापौर नीता ठाकरे को पत्र लिखकर नदी-नालों की सफाई और भांडेवाड़ी डंपिंग यार्ड में हो रहे भ्रष्टाचार की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है
नगरसेवक झा ने आरोप लगाया है कि नदी-नालों की सफाई के दौरान नागपुर मनपा की अपनी मशीनरी का उपयोग किया जा रहा है लेकिन बिल निजी ठेकेदारों के नाम पर निकाले जा रहे हैं। इसके अलावा काम की अवधि, डंपर (टिपर) के फेरे, गाद निकालने और उसके निपटान के साथ-साथ पिछले 3 वर्षों के खर्च और वास्तविक काम में भारी विसंगतियां पाई गई हैं। उन्होंने यह भी उजागर किया कि पहले जो काम सामाजिक दायित्व (सीएसआर) के तहत मुफ्त या कम लागत में होते थे उन्हें जानबूझकर निजी ठेकेदारों को सौंप दिया गया जिससे महानगरपालिका को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। इस पूरी प्रक्रिया में कार्यशाला विभाग के अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध बताई गई है और निविदा प्रक्रिया (टेंडर) से लेकर बिलों की मंजूरी तक की जांच की मांग की गई है।
पत्र में भांडेवाड़ी डंपिंग यार्ड के प्रबंधन को भी गंभीर संदेह के घेरे में रखा गया है। वजन कांटा प्रक्रिया, वाहनों की एंट्री, वसूली और परिवहन में भारी अपारदर्शिता का आरोप लगाया गया है। इस मामले में घनकचरा प्रबंधन विभाग के अधिकारियों, ठेकेदारों और विशेष रूप से रोहिदास राठौड़ की भूमिका को लेकर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। नगरसेवक झा ने रोहिदास राठौड़ को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।