Kalina assembly constituency (सोर्सः सोशल मीडिया)
Mumbai Corporators Agenda: कालीना विधानसभा क्षेत्र में मनपा के कुल 6 वार्ड शामिल हैं, हालांकि विलेपार्ले विधानसभा क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 88 के 17 बूथ कालीना विधानसभा क्षेत्र में आते हैं। यहां मराठी, उत्तर भारतीय, मुस्लिम और ईसाई समुदाय की मिश्रित आबादी रहती है। यह क्षेत्र कभी भारतीय जनता पार्टी का गढ़ माना जाता था। भाजपा के पूर्व विधायक अभिराम सिंह ने इस विधानसभा क्षेत्र को संगठनात्मक रूप से मजबूत बनाया था, लेकिन उनके चुनाव हारने के बाद पार्टी यहां कमजोर होती चली गई।
भाजपा ने दो वार्डों-90 से ज्योति अनिल उपाध्याय और 165 से रुपेश पवार को चुनाव मैदान में उतारा था। ज्योति अनिल उपाध्याय 7 वोटों से चुनाव हार गईं, वहीं रुपेश पवार भी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के उम्मीदवार से पराजित हुए। कालीना विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस ने वार्ड 90, 165 और 167 में जीत दर्ज की। शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) ने वार्ड 91 और 166 में तथा शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) ने वार्ड 89 में जीत हासिल की।
कालीना विधानसभा क्षेत्र में झोपड़पट्टियों की संख्या सबसे अधिक है। यहां बजबजाते नाले, जगह-जगह कूड़े के ढेर और स्वच्छता की कमी आम समस्या है। जनसंख्या के अनुपात में शौचालयों की संख्या काफी कम है। स्वास्थ्य सुविधाओं की बात करें तो वी.एन. देसाई अस्पताल के अलावा दो स्थानों पर ‘आपला दवाखाना’ हैं, जहां पर्याप्त चिकित्सा सुविधाओं का अभाव बना रहता है। क्षेत्र के गार्डनों का रखरखाव भी ठीक नहीं है और वहां असामाजिक तत्वों का जमावड़ा रहता है।
करीब 65 प्रतिशत झोपड़पट्टी वाले इस क्षेत्र में पेयजल संकट पूरे साल बना रहता है। ट्रैफिक जाम, सीमित पार्किंग, गटर-नालों की सफाई की कमी और बारिश के दौरान जलभराव जैसी समस्याएं भी यहां के नागरिकों के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई हैं।
वार्ड 89 के नगरसेवक गितेश विनायक राउत ने कहा कि उनका क्षेत्र 90% स्लम क्षेत्र है, जिसका बड़ा हिस्सा एयरपोर्ट अथॉरिटी के अंतर्गत आता है, जिससे पुनर्विकास कार्य में बाधा आती है। चार साल तक नगरसेवक न होने से कई काम अधूरे रह गए, जिन्हें अब पूरा किया जाएगा। गटर-नालों की सफाई, पेयजल समस्या और मीठी नदी की सफाई को प्राथमिकता दी जाएगी। वार्ड 91 के नगरसेवक सगुण वसंत नाईक ने कहा कि चार साल से क्षेत्र में गंदगी बढ़ गई है। खस्ताहाल सड़कों की मरम्मत और पेयजल आपूर्ति को सुधारना प्राथमिकता होगी।
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वार्ड 166 की नगरसेविका मीनल संजय तुर्डे ने बताया कि क्षेत्र में पेयजल की गंभीर समस्या है। एयरपोर्ट क्षेत्र की झोपड़पट्टियों का शिफ्टिंग कार्य रुका हुआ है। आरसीएम प्लांट के कारण करीब 14 हजार नागरिक प्रदूषण से प्रभावित हैं, जिससे सांस और त्वचा संबंधी बीमारियां बढ़ रही हैं। इस मुद्दे पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
वार्ड 165 के नगरसेवक अशरफ आजमी ने कहा कि क्षेत्र में महिला शौचालयों की कमी है। फुटपाथों पर टाइल्स लगाना, साफ-सफाई सुधारना और पेयजल आपूर्ति बेहतर बनाना उनकी प्राथमिकता है। साथ ही अस्पताल और दवाइयों की सुविधाओं पर भी फोकस किया जाएगा।
(इनपुट: गंगाराम विश्वकर्मा)