Mira Bhayander fire brigade (सोर्सः सोशल मीडिया)
Mira Bhayander Municipal Corporation: आपातकालीन सेवा मानी जाने वाली फायर ब्रिगेड से यदि सड़क धुलाई और सफाई का काम कराया जाए तो क्या होगा? यही सवाल इस समय मीरा-भाईंदर शहर में गूंज रहा है। मीरा-भाईंदर मनपा क्षेत्र में फायर ब्रिगेड के जवानों और वाहनों का उपयोग सफाई कार्य के लिए किया जा रहा है, जिसे महाराष्ट्र शासन के 17 अप्रैल 2007 के स्पष्ट आदेश के विपरीत माना जा रहा है।
नगर विकास विभाग द्वारा जारी शासन निर्णय में स्पष्ट रूप से उल्लेख है कि दमकल सेवा एक “आपातकालीन सेवा” है। अग्निशमन वाहनों का उपयोग केवल आग बुझाने, बचाव कार्य और अन्य आपातकालीन परिस्थितियों के लिए ही किया जाना चाहिए। सड़क धुलाई, साफ-सफाई या जल आपूर्ति जैसे कार्यों के लिए इनका उपयोग करना दुरुपयोग की श्रेणी में आता है।
शहर में यदि उसी समय कहीं भीषण आग लग जाए और फायर ब्रिगेड के वाहन सफाई कार्य में व्यस्त हों, तो क्या समय पर राहत पहुंच पाएगी? क्या जान-माल का नुकसान नहीं होगा? क्या प्रशासन इसकी जिम्मेदारी लेने को तैयार है?
मनपा की नियमित सफाई व्यवस्था कमजोर होने का खामियाजा क्या अब फायर ब्रिगेड को भुगतना पड़ेगा? इस तरह के कई सवाल शहर में उठाए जा रहे हैं।
फायर ब्रिगेड कोई वैकल्पिक श्रम बल नहीं, बल्कि जीवन रक्षक आपातकालीन सेवा है। यदि शासन के स्पष्ट आदेश के बावजूद इसका उपयोग अन्य कार्यों में किया जा रहा है, तो यह न केवल प्रशासनिक लापरवाही, बल्कि जनता की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ भी माना जाएगा। सत्यकाम फाउंडेशन के एडवोकेट कृष्णा गुप्ता ने इस मामले के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है।