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रामटेक ट्रस्ट में नेताओं को रखा तो अयोध्या से भी बड़ा विवाद होगा, जयंत पाटिल की सरकार को दोटूक चेतावनी

Ramtek Temple Trust Bill: विधानसभा में रामटेक मंदिर ट्रस्ट विधेयक पर शरद पवार गुट के नेता जयंत पाटिल ने सरकार को दी तीखी चेतावनी। कहा- ट्रस्ट में नेताओं को रखा तो अयोध्या से भी बड़ा विवाद होगा।

  • Written By: गोरक्ष पोफली
Updated On: Jul 10, 2026 | 08:35 PM

जयंत पाटिल (सोर्स: सोशल मीडिया)

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Jayant Patil Warns Govt Over Ramtek Temple Trust: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी शरदचंद्र पवार के वरिष्ठ विधायक जयंत पाटिल ने शुक्रवार को विधानसभा में शासन और कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर महाराष्ट्र सरकार पर तीखा हमला बोला। इस दौरान उन्होंने श्री राम मंदिर देवस्थान ट्रस्ट प्रबंधन, रामटेक विधेयक को लेकर भी कड़ी चेतावनी दी। पाटिल ने कहा कि अगर ट्रस्ट में राजनेताओं को शामिल किया गया, तो इससे भ्रष्टाचार बढ़ेगा। उन्होंने दावा किया कि हालात इतने खराब हो सकते हैं कि यह मामला अयोध्या मंदिर से जुड़े विवादों से भी बड़ा बन जाएगा।

विधेयक पर चर्चा के दौरान एनसीपी एसपी विधायक जयंत पाटिल ने सवाल उठाया कि ऐतिहासिक भोसले परिवार का केवल एक सदस्य ही ट्रस्ट में क्यों शामिल किया गया है, जबकि इस परिवार का रामटेक मंदिर से लंबे समय से पारंपरिक संबंध रहा है। उन्होंने मांग की कि ट्रस्ट में राजनीतिक नेताओं के बजाय भोसले परिवार के कम से कम दो सदस्यों को शामिल किया जाए।

पाटिल ने कहा, ट्रस्ट में राजनेताओं को शामिल करके आप मंदिर का राजनीतिकरण कर रहे हैं। यहां तक कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट में किसी विधायक या सांसद को जगह नहीं दी। अगर आप उनका अनुसरण करते हैं तो आपको उनसे यह सीख लेनी चाहिए।

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विधेयक की खामियां और चयन समिति को भेजने की वकालत

उन्होंने प्रस्तावित कानून में कई कमियां बताईं और मांग की कि विधेयक को अगले विधानसभा सत्र में दोबारा पेश करने से पहले विस्तृत समीक्षा के लिए संयुक्त चयन समिति के पास भेजा जाए। पाटिल ने ट्रस्ट के सदस्यों को दैनिक और परिवहन भत्ते प्रदान करने वाले प्रावधानों को हटाने की मांग की। उन्होंने सवाल किया, जब भगवान मंदिर के भीतर हैं, तो ट्रस्ट के सदस्यों को बाहर घूमने की क्या जरूरत है? उन्होंने कहा कि इस विधेयक के अनुसार ट्रस्ट के सदस्यों को एक शपथ पत्र देना होगा, जिसमें उन्हें यह घोषणा करनी होगी कि वे भगवान राम के भक्त हैं।

धर्मनिरपेक्षता का उल्लंघन और दान पेटी की सुरक्षा पर सवाल

पाटिल ने इसे एक प्रतिगामी व्यवस्था बताते हुए कहा कि इससे भगवान हनुमान की पूजा करने वाले किसी व्यक्ति के सामने भी हितों के टकराव की स्थिति पैदा हो सकती है। उनका कहना था कि ऐसा प्रावधान संविधान में निहित धर्मनिरपेक्षता के सिद्धांतों के खिलाफ है। इस विधेयक में दान पेटी खोलने और धनराशि गिनने के लिए विशिष्ट प्रावधानों का अभाव है। पाटिल ने सुझाव दिया कि दान पेटियों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं। हर दिन मिलने वाली नकदी का उसी दिन रजिस्टर में रिकॉर्ड किया जाए और चोरी रोकने के लिए कड़े सुरक्षा इंतजाम किए जाएं। उन्होंने एक सख्त प्रावधान की मांग की, जो स्थानीय विधायकों और नगर पालिका अध्यक्षों को मंदिर के निर्धारित क्षेत्र के बाहर मंदिर ट्रस्ट फंड का उपयोग करने से रोके।

महाराष्ट्र की चरमराती कानून-व्यवस्था पर तीखा हमला

इस बीच पिछले सप्ताह पारित प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान पाटिल ने राज्य सरकार के कामकाज की भी आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी अक्सर विधानसभा की कार्यवाही से अनुपस्थित रहते हैं। उन्होंने महाराष्ट्र में कानून-व्यवस्था से जुड़ी कई गंभीर घटनाओं का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि राज्य की सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है।

पाटिल ने मार्च 2013 में विलास और प्रशांत वाघमारे की क्रूर दोहरी हत्या का मुद्दा उठाया। एनसीपी एसपी विधायक ने कहा कि 5 मई 2026 को मुख्य गवाह दादासो नामदेव वाघमारे का अदालत में गवाही देने जाते समय कथित तौर पर अपहरण कर उनकी हत्या कर दी गई थी।

सांगली में मासूम की हत्या और नागपुर पुलिस घोटाले का जिक्र

उन्होंने आरोप लगाया कि आरोपियों को राजनीतिक और आर्थिक संरक्षण मिल रहा है। साथ ही उन्होंने पूरे मामले की विशेष जांच दल (एसआईटी) से जांच कराने की मांग की। सांगली जिले में एक आदतन अपराधी ने 13 वर्षीय वेदांग बंदगर की कथित तौर पर गोली मारकर हत्या कर दी। पाटिल ने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ दल के एक नेता ने पहले जूट पुलिस इंस्पेक्टर पर उस आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज नहीं करने का दबाव बनाया था। उन्होंने दावा किया कि इसी वजह से बाद में 13 वर्षीय बच्चे की जान चली गई। उन्होंने नागपुर में सामने आए एक बड़े घोटाले का जिक्र किया और कहा कि इस मामले में नौ पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है।

ऑनलाइन गेमिंग की आड़ में 250 करोड़ का सट्टेबाजी रैकेट

जयंत पाटिल ने आरोप लगाया कि ऑनलाइन गेमिंग से जुड़ी महज 500 रुपये की शिकायत पर कार्रवाई के नाम पर पुलिस की दो टीमें वरिष्ठ अधिकारियों की अनुमति के बिना मुंबई और पुणे गईं। वहां उन्होंने 250 करोड़ रुपए के क्रिकेट सट्टेबाजी रैकेट का भंडाफोड़ किया, सरगना को गिरफ्तार किया और बाद में कथित तौर पर भारी रिश्वत लेकर उसे छोड़ दिया। पाटिल ने डोंबिवली के शास्त्रीनगर अस्पताल में हुई हालिया घटना की निंदा की, जहां एक स्थानीय जनप्रतिनिधि पर स्वास्थ्यकर्मियों से मारपीट करने का आरोप है। उन्होंने कहा कि राज्य में डॉक्टर अब सुरक्षित नहीं हैं।

एनसीपी एसपी विधायक ने महाराष्ट्र में फैल रहे नशे के कारोबार पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि यह पुलिस के लिए कमाई का दूसरा स्रोत बन गया है। उन्होंने बताया कि अकेले 2026 में ही 2,438 मामले दर्ज किए गए हैं, 3,173 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है और 239 करोड़ रुपए मूल्य का प्रतिबंधित सामान जब्त किया गया है।

यह भी पढ़ें: सलील देशमुख बने राकां (शरद पवार) के नागपुर ग्रामीण जिलाध्यक्ष, जयंत पाटील ने सौंपा नियुक्ति पत्र

मेफेड्रोन फैक्ट्रियों पर खुफिया तंत्र की नाकामी

उन्होंने नेरल में मेफेड्रोन की बड़ी खेप बरामद होने का जिक्र करते हुए खुफिया तंत्र पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि प्रशासन की जानकारी के बिना करोड़ों रुपये की नशीले पदार्थ बनाने वाली फैक्ट्रियां कैसे चल सकती हैं।संस्थागत भ्रष्टाचार और बुनियादी ढांचे की खामियों का मुद्दा उठाते हुए पाटिल ने कहा कि नांदेड़ में हाल ही में बने एक पुल का हिस्सा ढह गया। उन्होंने बताया कि इस हादसे में दो छात्र बाल-बाल बच गए। पाटिल ने कहा कि स्थानीय अधिकारियों ने पुल गिरने के लिए भूकंप को जिम्मेदार बताया। उन्होंने इस दावे पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर भूकंप आया था, तो आसपास की एक भी झोपड़ी को नुकसान क्यों नहीं पहुंचा।

Jayant patil warns govt over ramtek temple trust bill controversy

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Published On: Jul 10, 2026 | 08:35 PM

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