SIR सर्वेक्षण से विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित, गोंदिया में स्कूल व्यवस्थापन समिति ने उठाई आवाज
SIR Survey Teacher Duty: गोंदिया जिले के तिरोड़ा तहसील स्थित इंदोरा बुज. जिला परिषद स्कूल में SIR सर्वेक्षण कार्य के लिए शिक्षकों की ड्यूटी लगाने का विरोध किया गया है।
- Written By: आंचल लोखंडे
Students Education Loss (सोर्सः फाइल फोटो-सोशल मीडिया)
Gondia SIR Survey: गोंदिया जिले के तिरोड़ा तहसील के जिला परिषद उच्च प्राथमिक विद्यालय, इंदोरा बुज. के शिक्षकों को एसआईआर सर्वेक्षण कार्य में लगाए जाने से विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। साथ ही महिला शिक्षकों की सुरक्षा का भी गंभीर मुद्दा सामने आया है। इसे लेकर स्कूल व्यवस्थापन समिति ने तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
जानकारी के अनुसार, इंदोरा बुज. स्थित जिला परिषद स्कूल में कक्षा 1 से 7 तक कक्षाएं संचालित हैं, जबकि विद्यालय में केवल पांच शिक्षक कार्यरत हैं। पहले से ही शिक्षकों की कमी के कारण नियमित शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहा है। ऐसे में शिक्षकों को स्कूल शुरू होने से पहले, स्कूल समय के दौरान तथा स्कूल समाप्त होने के बाद भी घर-घर जाकर एसआईआर सर्वे करना पड़ रहा है।
शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों से मुक्त करने की मांग
समिति का कहना है कि इससे विद्यार्थियों का पाठ्यक्रम समय पर पूरा नहीं हो पा रहा है और उनकी शैक्षणिक गुणवत्ता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है। अभिभावकों और ग्रामीणों ने कहा कि शिक्षकों का मुख्य दायित्व विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना है, लेकिन लगातार गैर-शैक्षणिक कार्यों में लगाए जाने से बच्चों के शिक्षा के मूल अधिकार पर असर पड़ रहा है।
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स्कूल समिति हुई आक्रामक
स्कूल व्यवस्थापन समिति के अध्यक्ष पुरण ठाकरे सहित ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि इस शैक्षणिक नुकसान की जिम्मेदारी कौन लेगा। समिति ने मांग की है कि एसआईआर सर्वे के लिए शिक्षकों के बजाय अन्य विभागों के कर्मचारियों की नियुक्ति की जाए। यदि शिक्षकों की ड्यूटी लगाना आवश्यक हो, तो ऐसी व्यवस्था की जाए जिससे शिक्षण कार्य प्रभावित न हो।
महिला शिक्षकों की सुरक्षा पर उठे सवाल
समिति का कहना है कि महिला शिक्षकों को सुबह स्कूल शुरू होने से पहले और शाम स्कूल समाप्त होने के बाद गांव के विभिन्न क्षेत्रों में सर्वेक्षण के लिए जाना पड़ता है। कई स्थानों पर असामाजिक तत्वों और नशे में धुत लोगों की मौजूदगी रहती है, जिससे उनकी सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। ऐसे में महिला शिक्षकों की सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी होगी, यह सवाल ग्रामीणों ने प्रशासन के सामने उठाया है।
