रेल से कार परिवहन में बड़ा उछाल, 1% से बढ़कर 24% हुई हिस्सेदारी, अहमदाबाद रेल मंडल बना मिसाल
Automobile Transport: भारत में ऑटोमोबाइल परिवहन में रेल की हिस्सेदारी तेजी से बढ़ी है। भारतीय रेल ने कार ढुलाई में अपनी भागीदारी 1% से बढ़ाकर 24% से अधिक कर दी है।
- Written By: अपूर्वा नायक
इंडियन रेलवे ऑटोमोबाइल ट्रांसपोर्ट (सौ. सोशल मीडिया )
Indian Railways Automobile Transport: विश्व स्तर पर ऑटोमोबाइल परिवहन के क्षेत्र में रेल एक तेजी से उभरता माध्यम बनकर सामने आ रहा है।
सड़क, रेल और समुद्री परिवहन के बीच संतुलन स्थापित करते हुए कई देश कम लागत, कम कार्बन उत्सर्जन और अधिक दक्षता के कारण रेल आधारित लॉजिस्टिक्स को प्राथमिकता दे रहे हैं।
भारत में भी यही बदलाव स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। भारतीय रेलवे ने पिछले एक दशक में कारों के परिवहन में अपनी हिस्सेदारी 1 प्रतिशत से बढ़ाकर 24 प्रतिशत से अधिक कर दी है। यह बदलाव सड़क परिवहन पर अत्यधिक निर्भरता को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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सड़क से रेल की ओर बढ़ता रुझान
पहले भारत में अधिकांश कारों का परिवहन ट्रकों के जरिए सड़क मार्ग से किया जाता था। इससे लागत अधिक और कार्बन उत्सर्जन भी ज्यादा होता था। लेकिन रेल आधारित परिवहन ने इस क्षेत्र में लागत कम करने और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में प्रभावी भूमिका निभाई है। रेल परिवहन न केवल सुरक्षित है, बल्कि लंबी दूरी के लिए अधिक किफायती और ऊर्जा दक्ष भी साबित हो रहा है।
अहमदाबाद रेल मंडल की बड़ी उपलब्धि
पश्चिम रेलवे के अंतर्गत आने वाले अहमदाबाद रेलवे डिवीजन ने इस बदलाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। गुजरात के हंसलपुर स्थित प्लांट रेलवे साइडिंग प्रोजेक्ट अब वैश्विक स्तर पर एक बेंचमार्क के रूप में उभर चुका है। यह परियोजना ऑटोमोबाइल निर्माताओं को सीधे रेल नेटवर्क से जोड़ती है, जिससे कारों की ढुलाई तेज और व्यवस्थित तरीके से संभव हो पाती है।
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हरित लॉजिस्टिक्स की ओर कदम
रेल आधारित कार परिवहन से ईंधन की बचत, यातायात दबाव में कमी और प्रदूषण में गिरावट जैसे सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में ऑटोमोबाइल लॉजिस्टिक्स में रेल की हिस्सेदारी और बढ़ेगी। यह पहल ‘ग्रीन लॉजिस्टिक्स’ की दिशा में भारत का एक मजबूत कदम मानी जा रही है, जो आर्थिक और पर्यावरणीय दोनों दृष्टि से लाभकारी है।
