
राहुल नार्वेकर (सौ. सोशल मीडिया )
Mumbai News in Hindi: कोलाबा क्षेत्र में नामांकन प्रक्रिया को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। एक निर्दलीय उम्मीदवार ने महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर पर चुनाव से पहले नॉमिनेशन वापस लेने का दबाव डालने का गंभीर आरोप लगाया है।
इस मामले ने चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बुधवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में निर्दलीय उम्मीदवार तेजल पवार ने दावा किया कि कोलाबा के वार्ड नंबर 226 से नॉमिनेशन पेपर दाखिल करने के तुरंत बाद उन्हें चुनाव मैदान से हटाने की कोशिश की गई। उन्होंने कहा कि यह दबाव सीधे तौर पर नहीं, बल्कि बिचौलियों और व्यक्तिगत बैठकों के माध्यम से बनाया गया।
तेजल पवार के अनुसार, इस पूरे दबाव का मकसद यह सुनिश्चित करना था कि वे विधानसभा अध्यक्ष के कथित पसंदीदा उम्मीदवार के खिलाफ चुनाव न लड़ें। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें बार-बार संकेत दिए गए कि चुनाव में बने रहना उनके लिए नुकसानदेह साबित हो सकता है।
यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले उम्मीदवार हरिभाऊ राठौड़ भी राहुल नार्वेकर पर नामांकन प्रक्रिया के दौरान धमकाने का आरोप लगा चुके हैं। लगातार सामने आ रहे इन मामलों ने चुनावी माहौल को और अधिक संवेदनशील बना दिया है।
इसी तरह के आरोपों को लेकर अब तक आठ उम्मीदवार महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष के खिलाफ हाई कोर्ट में याचिका दायर कर चुके हैं। याचिकाओं में नामांकन प्रक्रिया में कथित हस्तक्षेप और दबाव की शिकायत की गई है।
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इन आरोपों के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। चुनाव से ठीक पहले सामने आए इन विवादों ने प्रशासन और चुनाव आयोग की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए हैं। हालांकि, इस पूरे मामले में अब तक राहुल नार्वेकर या उनके कार्यालय की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।






