महाराष्ट्र में मंत्रियों की हुई बल्ले-बल्ले, 30 लाख की कार खरीदने की मिली छूट

Maharashtra: महाराष्ट्र सरकार ने नए वाहन खरीदने को लेकर एक शासकीय आदेश जारी किया है। सरकार ने अपने मंत्रियों को अपनी पसंद की 30 लाख रुपए तक की कार खरीदने की अनुमति दे दी है।
महाराष्ट्र में मंत्रियों की हुई बल्ले-बल्ले, 30 लाख की कार खरीदने की मिली छूट
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (सौजन्य सोशल मीडिया)
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Maharashtra Government: महाराष्ट्र की महायुति सरकार ने अपने मंत्रियों और बड़े अधिकारियों को खुश करने वाला निर्णय लिया है। सरकार ने मंत्रियों को उनकी पसंदीदा कार खरीदने की छूट दे दी है। सरकार के उक्त निर्णय से एक तरफ मंत्रियों को लग्जरी कार मिलने का रास्ता साफ हो गया है, तो वहीं दूसरी तरफ सरकार के निर्णय की आलोचना भी हो रही है।

चुनाव में जीत दिलाने वाले लाडली बहन योजना के कारण सरकार की तिजोरी पहले ही खाली हो चुकी है। खाली तिजोरी की वजह से सरकार की दूसरी महत्वपूर्ण योजनाएं प्रभावित हो रहीं हैं। इसके बाद भी राज्य सरकार ने महज डेढ़ साल में सरकारी वाहन खरीदने की मूल्य सीमा में कम से कम 3 से 5 लाख रुपए की बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है।

30 लाख रुपए तक की कार खरीदने की मिली अनुमति

सरकार ने अपने मंत्रियों को अपनी पसंद की 30 लाख रुपए तक की कार खरीदने की अनुमति दे दी है। इतना ही नहीं यदि कोई मंत्री या अधिकारी इलेक्ट्रिक वाहन खरीदना चाहता है, तो उसे मूल्य सीमा से 20 प्रतिशत अधिक मूल्य के वाहन खरीदने की अनुमति दी गई है। गौरतलब हो कि राज्य सरकार राज्यपाल से लेकर जिला कलेक्टर, पुलिस आयुक्त और जिला न्यायाधीश तक सभी के लिए वाहन खरीदती है। इन वाहनों की कीमतों में एक निश्चित अवधि के बाद वृद्धि की जाती है।

फरवरी 2024 में, तत्कालीन महायुति सरकार ने वाहनों की मूल्य सीमा तय की थी। इसके अनुसार, पद के आधार पर अधिकतम 25 लाख रुपए और न्यूनतम आठ लाख रुपए तक के वाहन खरीदने की अनुमति दी गई थी। लेकिन अब महज डेढ़ साल में ही सरकार ने इस मूल्य सीमा में भारी वृद्धि कर दी है। वाहनों की कीमत में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी), मोटर वाहन कर और पंजीकरण शुल्क शामिल नहीं हैं और इस पर होने वाला खर्च भी राज्य सरकार वहन करेगी।

कम से कम 12 लाख की कार में घूमेंगेराज्य सरकार ने बुधवार को अधिकतम 30 लाख रुपए और न्यूनतम 12 लाख रुपए मूल्य के वाहन खरीदने की अनुमति दी है। इसमें संबंधित पदाधिकारियों को एक निश्चित मूल्य पर अपनी पसंद के वाहन खरीदने की अनुमति दी गई है। राज्यपाल, मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, मुख्य न्यायाधीश और लोकायुक्त को अपनी पसंद का वाहन चुनने की अनुमति दी गई है और उनके लिए कोई मूल्य सीमा नहीं होगी। राज्य सरकार ने आपदा प्रबंधन कार्यों में लगे क्षेत्रीय अधिकारियों के लिए 12 लाख रुपए तक के बहुउपयोगी वाहन (एमयूवी) खरीदने की मंजूरी दे दी है।

कौन खरीदेगा कितने मूल्य की कार?

  • राज्य के जिलों का दौरा करने वाले मंत्री, साथ ही राजकीय अतिथि, कैबिनेट मंत्री, उच्च न्यायालय के न्यायाधीश, उपायुक्त, राज्य मंत्री, मुख्य सचिव, राज्यपाल के कर्मी - (पहले 25 लाख) - (अब 30 लाख)
  • महाधिवक्ता, मुख्य सूचना आयुक्त, एमपीएससी अध्यक्ष, राज्य चुनाव आयुक्त, राज्य मुख्य सेवा अधिकार आयुक्त, अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सचिव - (पहले 20 लाख) - (अब 25 लाख)
  • राज्य सूचना आयुक्त, एमपीएससी सदस्य, राज्य सेवा अधिकार आयुक्त (पहले 17 लाख) - (अब 20 लाख)
  • सभी विभागों के विभागाध्यक्ष (आयुक्त, महानिदेशक, निदेशक), संभागीय आयुक्त, क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक, प्रधान मुख्य वन संरक्षक - (पहले 12 लाख) - (अब 17 लाख)
  • जिला कलेक्टर, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, पुलिस आयुक्त, जिला पुलिस अधीक्षक और उससे ऊपर के अधिकारी, मुख्य जिला
  • न्यायाधीश, महाप्रबंधक/प्रबंधक, उच्च न्यायालय - (पहले 9 लाख) - (अब 15 लाख)
  • राज्य स्तरीय वाहन समीक्षा समिति की स्वीकृति से स्वीकृत होने वाले विभाग/अधिकारी - (पहले आठ लाख) - (अब 12 लाख)
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