
मिमी चक्रवर्ती (फोटो- सोशल मीडिया)
Mimi Chakraborty Birthday: बॉलीवुड, बंगाली सिनेमा, टीवी और सिंगिंग की दुनिया में अपनी पहचान बना चुकीं बंगाली ब्यूटी मिमी चक्रवर्ती आज किसी पहचान की मोहताज नहीं हैं। एक्टिंग के साथ-साथ राजनीति में भी हाथ आजमा चुकीं मिमी 11 फरवरी को अपना 37वां जन्मदिन मना रही हैं। इस खास मौके पर जानते हैं उनके संघर्ष, सपनों और उस दौर के बारे में, जब अपने फैसले की वजह से उन्हें माता-पिता की नाराजगी झेलनी पड़ी थी।
पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी में जन्मीं मिमी चक्रवर्ती के सपने बचपन से ही बड़े थे। दिलचस्प बात यह है कि जब उन्हें ठीक से टीवी और सिनेमा की समझ भी नहीं थी, तब से वह एक्ट्रेस बनने का सपना देखने लगी थीं। मिमी के माता-पिता नहीं चाहते थे कि उनकी बेटी एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री का हिस्सा बने। यही वजह रही कि मिमी ने अपने पहले टीवी सीरियल की जानकारी भी घरवालों से छुपाकर रखी।
मिमी ने टीवी पर अपने करियर की शुरुआत सुपरहिट बंगाली सीरियल ‘गानेर ओपारे’ से की थी। हालांकि, उनके माता-पिता को इस बात का पता तब चला, जब सीरियल का प्रोमो टीवी पर रिलीज हुआ। मिमी ने खुद एक इंटरव्यू में बताया था कि प्रोमो देखकर उनकी मां ने उन्हें फोन किया और सवाल पूछे। उस वक्त मिमी ने झूठ बोल दिया था कि प्रोमो में वह नहीं, कोई और लड़की है।
जब सच्चाई सामने आई तो माता-पिता काफी नाराज हो गए। उनका कहना था कि उन्होंने मिमी को पुणे पढ़ाई करने के लिए भेजा था, शूटिंग के लिए नहीं। इस बात से आहत होकर मिमी के पिता ने करीब 7-8 महीनों तक उनसे बात नहीं की। हालांकि, समय के साथ उन्होंने बेटी के सपनों को समझा और उसका साथ दिया। मिमी का बचपन का सपना सिर्फ एक्टिंग तक सीमित नहीं था। वह टीवी को टीवी बॉक्स कहा करती थीं और अक्सर अपनी मां से पूछती थीं कि इसके अंदर कैसे जाया जाता है।
मां ने मजाक में कहा था कि इसके लिए बहुत पढ़ाई करनी पड़ती है। यही बात मिमी के लिए मोटिवेशन बन गई और उन्होंने पढ़ाई के साथ-साथ अपने सपनों को भी पूरा किया। टीवी के बाद मिमी ने बंगाली सिनेमा में फिल्म ‘बापी बारी जा’ से डेब्यू किया। इसके बाद ‘बोझेना शे बोझेना’, ‘बंगाली बहू इंग्लिश मेम’, ‘योद्धा: द वॉरियर’, ‘गैंगस्टर’ और ‘रक्जबीज’ जैसी कई हिट फिल्मों में काम किया।






