टेंडर के बहाने 1 करोड़ की ठगी, अस्पताल का कर्मचारी गिरफ्तार, पत्नी फरार
Mumbai News: अस्पताल के एक कर्मचारी एनजीओ से कैटरिंग टेंडर दिलाने का झूठा वादा कर 1 करोड़ की ठगी कर ली। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि आरोपी की पत्नी फरार है।
- Written By: सोनाली चावरे
मुंबई कैटरिंग टेंडर ठगी (pic credit; social media)
1 Crore Fraud: सायन पुलिस ने स्वयन अस्पताल के एक कर्मचारी को गिरफ्तार किया है, जिसने एक एनजीओ से कैटरिंग टेंडर दिलाने का झूठा वादा करके कई लोगों से करीब 1 करोड़ रुपये की ठगी की थी। पुलिस ने बताया कि आरोपी सहदेव मोतीराम राठौड़ (36) और उसकी पत्नी देविका राठौड़ ने कथित तौर पर जाली दस्तावेज बनाए और पीड़ितों को लालच में फंसाया।
राठौड़ को अहमदाबाद से गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी से बचने के लिए उसने अपनी पहचान बदलकर हार्दिक राठौड़ रख ली थी और जया मकवाना नामक महिला के साथ रह रहा था। राठौड़ और उसकी पत्नी की अग्रिम जमानत याचिका सत्र न्यायालय द्वारा खारिज कर दी गई थी। पुलिस अब उसकी पत्नी को भी पकड़ने की कोशिश कर रही है।
जानकारी के अनुसार, 2023 में राठौड़ ने संडे फ्रेंड से टिफिन सप्लाई का टेंडर दिलाने का झांसा देकर वार्ड बॉय देवानंद पासी और उनके सहयोगी जाकिर खान को फंसाया। पासी से 62.15 लाख रुपये और एक अन्य पीड़ित मोहम्मद खान से 33.41 लाख रुपये नकद लिए गए।
सम्बंधित ख़बरें
अमरावती में बेटी का सिर मुंडवाने वाले सौतेले पिता और सगी मां गिरफ्तार, चरित्र पर शक कर बेल्ट से की थी बर्बरता
अमरावती में छोटे उद्योगों को कर्ज देने में सकारात्मक रहें बैंक, कलेक्टर आशीष येरेकर ने दी नसीहत
कुंभ मेले के कार्यों में आएगी तेजी, त्र्यंबकेश्वर में पूजा-अर्चना के बाद फडणवीस ने दी जानकारी
भंडारा: मुख्य पाइपलाइन लीकेज से शहर का बड़ा हिस्सा रहा प्यासा, नई जलापूर्ति योजना की गुणवत्ता पर उठे सवाल
इतना ही नहीं, ऑनलाइन ट्रांसफर के जरिए मई 2023 और नवंबर 2024 के बीच जाली दस्तावेज और चेक तैयार करके संडे फ्रेंड और स्माइल फाउंडेशन के नाम पर ठगी की गई।
राठौड़ को 51वें मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया गया, जहां उसे 7 दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस ने बताया कि आरोपी द्वारा अपराध से अर्जित धन से कुछ अचल संपत्ति भी खरीदी गई थी, जिसे बरामद करने की कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध टेंडर या ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामले में सतर्क रहें। अस्पताल और एनजीओ से जुड़े लोग खासतौर पर सावधान रहें और किसी भी वित्तीय लेनदेन में पूरी जांच करने के बाद ही कदम उठाएं।
