मुंबई की महिला सरकारी कर्मचारियों को बड़ी राहत, सुनेत्रा पवार ने किया ‘Come Early-Go Early’ योजना का ऐलान
Come Early-Go Early Policy: उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने महिला कर्मचारियों के लिए काम के घंटों में लचीलेपन और सुरक्षा से जुड़ी कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। जानें, क्या बदलेगा आपका ऑफिस टाइमिंग।
- Written By: आकाश मसने
महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार (सोर्स: सोशल मीडिया)
Sunetra Pawar Legislative Council Speech: अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के ऐतिहासिक अवसर पर महाराष्ट्र विधान परिषद में महिला सशक्तिकरण को लेकर एक महत्वपूर्ण चर्चा हुई। इस चर्चा का जवाब देते हुए उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन (MMR) में कार्यरत महिला सरकारी कर्मचारियों के लिए एक गेम-चेंजर योजना ‘Come Early-Go Early’ की घोषणा की है।
क्या है ‘Come Early-Go Early’ योजना?
मुंबई की लोकल ट्रेनों और सड़कों पर ‘रश आवर’ (भीड़भाड़ वाले समय) की चुनौतियों को देखते हुए सरकार ने यह कदम उठाया है। ‘Come Early-Go Early’ (जल्दी आओ-जल्दी जाओ) फैसले के तहत महिला कर्मचारी सुबह 9:15 से 9:45 के बीच जल्दी ऑफिस पहुंचकर शाम को उसी अनुपात में जल्दी घर निकल सकेंगी। उन्हें प्रतिदिन करीब 30 मिनट की विशेष छूट दी जाएगी। इससे न केवल उनके सफर का तनाव कम होगा, बल्कि वे अपने काम और परिवार के बीच बेहतर संतुलन बना पाएंगी।
आंतरराष्ट्रीय महिला दिनाच्या निमित्ताने विधान परिषदेत प्रस्तावावर झालेल्या विशेष चर्चेला उत्तर देताना मुंबई महानगर क्षेत्रातील शासकीय महिला कर्मचाऱ्यांसाठी “कम अर्ली-गो अर्ली” सवलत देण्याची महत्त्वपूर्ण घोषणा आज केली. महिलांच्या सर्वांगीण विकासासाठी राज्य शासन कटीबध्द असल्याची… — Sunetra Ajit Pawar (@SunetraA_Pawar) March 10, 2026
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‘ऑपरेशन मुस्कान’ को मिली सफलता
डिप्टी सीएम सुनेत्रा पवार ने सदन को बताया कि राज्य सरकार महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। जुलाई 2015 से फरवरी 2026 तक चलाए गए ‘ऑपरेशन मुस्कान’ के 14 चरणों में अब तक 42,594 बच्चों को सुरक्षित खोजा गया है। इसके अलावा, ‘ऑपरेशन सर्च’ के जरिए 5,066 महिलाओं और 2,771 बच्चों को उनके परिवारों से मिलाया गया है। वर्तमान में राज्य के सभी जिलों में ‘मिसिंग सेल’ और महिलाओं की शिकायतों के लिए 51 ‘भरोसा सेल’ सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं।
आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण
सरकार ने महिलाओं को लखपति बनाने के लक्ष्य के साथ ‘लाडकी बहिन योजना’, ‘नमो महिला साक्षरता’, और ‘अन्नपूर्णा’ जैसी योजनाओं को जमीन पर उतारा है। स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों को वैश्विक बाजार देने के लिए उम्मेद मॉल और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की शुरुआत की गई है।
आंगनवाड़ी सेविकाओं के लिए भी हुए बड़े ऐलान
साथ ही, आंगनवाड़ी सेविकाओं के मानदेय और सुविधाओं में सुधार के लिए सरकार ने सकारात्मक रुख अपनाया है। राज्य के 17 हजार 254 आंगनवाड़ी सेंटर्स में पीने के पानी की सुविधा दी गई है। महिलाओं की सुरक्षा के लिए मॉडर्न टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल बढ़ाया जा रहा है। साइबर क्राइम को रोकने के लिए छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस, चर्चगेट और बोरीवली स्टेशनों पर सिस्टम लगाए गए हैं।
मैटरनिटी लीव के साथ एक साल की हाफ-पे लीव
महिला कर्मचारियों के लिए 180 दिनों की मैटरनिटी लीव के साथ-साथ, आवश्यकता पड़ने पर एक साल की हाफ-पे लीव (बिना मेडिकल सर्टिफिकेट) का प्रावधान किया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में बाल विवाह रोकने और स्कूल छोड़ने वाली लड़कियों की संख्या कम करने के लिए ‘आदि शक्ति अभियान’ चलाया जा रहा है।
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महिलाओं की सुरक्षा के लिए सख्त कानून पर जोर
सुनेत्रा पवार ने कहा कि महिलाओं के ओवरऑल डेवलपमेंट के लिए राज्य सरकार हेल्थ, एजुकेशन, स्किल डेवलपमेंट, सेल्फ-हेल्प ग्रुप्स को मजबूत करने, महिला किसानों और मजदूरों के लिए खास कदम उठाने के साथ-साथ महिलाओं की सुरक्षा के लिए असरदार कानून बनाने और उन्हें सख्ती से लागू करने पर फोकस कर रही है।
जीजाऊ मांसाहेब, क्रांतिज्योति सावित्रीबाई फुले, पुण्यश्लोकी अहिल्याबाई होल्कर और महारानी ताराबाई के कामों से प्रेरणा लेकर लेजिस्लेटिव काउंसिल में महिलाओं के एम्पावरमेंट के लिए काम करने का संकल्प जताया गया। सदन में साफ किया गया कि महिलाओं का एम्पावरमेंट सिर्फ इकोनॉमिक ही नहीं है, बल्कि सोशल, कल्चरल और साइकोलॉजिकल एम्पावरमेंट भी उतना ही जरूरी है।
