जीएसटी सुधार PM मोदी की दूरदर्शिता का परिणाम, देवेंद्र फडणवीस ने फैसले का किया स्वागत

Devendra Fadnavis: देवेंद्र फडणवीस ने कहा PM मोदी की दूरदर्शी सोच का नतीजा है। महाराष्ट्र जीएसटी में अग्रणी है और इसमें सबसे अधिक योगदान देता है। दूसरी पीढ़ी के ये सुधार बहुत महत्वपूर्ण हैं।
PM Modi CM Fadnavis
PM मोदी, देवेंद्र फडणवीस (Image- Social Media)
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Mumbai News: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने माल एवं सेवा कर (जीएसटी) दरों को व्यापक रूप से युक्तिसंगत बनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की दूरदर्शी सोच की बृहस्पतिवार को सराहना की और कहा कि इससे नागरिकों पर बोझ कम होगा। जीएसटी परिषद ने बुधवार को आम सहमति से माल एवं सेवा कर में व्यापक सुधारों को मंजूरी दी।

इन सुधारों के तहत साबुन, साइकिल, टीवी और व्यक्तिगत स्वास्थ्य तथा जीवन बीमा पॉलिसी जैसे आम उपयोग के उत्पादों पर जीएसटी की दरें कम की गयी हैं। जीएसटी में पांच प्रतिशत और 18 प्रतिशत की दो-स्तरीय कर संरचना को मंजूरी दी गयी है। यह बदलाव नवरात्रि के पहले दिन 22 सितंबर से लागू होंगे।

क्या कहा फडणवीस ने?

फडणवीस ने कहा, "यह प्रधानमंत्री मोदी की दूरदर्शी सोच का नतीजा है। महाराष्ट्र जीएसटी में अग्रणी है और इसमें सबसे अधिक योगदान देता है। दूसरी पीढ़ी के ये सुधार बहुत महत्वपूर्ण हैं। कुछ स्लैब हटा दिए गए हैं और आम नागरिक पर कर का बोझ कम किया गया है।" उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री मोदी ने अप्रत्यक्ष करों में व्यापक सुधार किए हैं। महाराष्ट्र जीएसटी सुधारों का समर्थन करता है क्योंकि इससे मांग, उत्पादन, व्यापार और रोजगार सृजन को बढ़ावा मिलेगा।

अब इन उत्पादों पर 40 प्रतिशत टैक्स

जिन वस्तुओं पर पहले तंबाकू, शुगर वाले ड्रिक्स और महंगे वाहनों जैसी हानिकारक या विलासिता की वस्तुओं पर 28 प्रतिशत कर लगता था, उन्हें अब 40 प्रतिशत कर स्लैब में डाल दिया गया है। तंबाकू उत्पाद जैसे सिगरेट, सिगार, चुरूट, सिगारिलो, गुटखा, चबाने वाला तंबाकू (जैसे जर्दा), अनमैन्युफैक्चर्ड तंबाकू, बीड़ी, सुगंधित तंबाकू और पान मसाला पर 40 प्रतिशत कर लगेगा।

पेट्रोल के लिए 1200 सीसी और डीजल के लिए 1500 सीसी से ज्यादा इंजन वाली लग्जरी कारों के साथ-साथ मीठे, फ्लेवर्ड और कार्बोनेटेड पेय पदार्थों पर 40 प्रतिशत का नया टैक्स स्लैब लागू होगा। सिन टैक्स, हानिकारक या सामाजिक रूप से महंगी वस्तुओं पर लगाया जाने वाला उत्पाद शुल्क है, जो जन कल्याण के लिए अतिरिक्त राजस्व उत्पन्न करते हुए इनके उपयोग को हतोत्साहित करने के लिए लगाया जाता है।- एजेंसी इनपुट के साथ

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