

Maharashtra News: सरकारी नौकरी पाने के लिए गड़बड़ी करने का एक बड़ा मामला सामने आया है। पवई पुलिस ने धोखाधड़ी और जालसाजी के आरोप में दो लोगों श्रवण कुमार और दीपक कुमार के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आरोप है कि दीपक ने श्रवण की जगह ऑनलाइन परीक्षा दी, जिसके आधार पर श्रवण को मध्य प्रदेश के देवास स्थित बैंक नोट प्रेस (बीएनपी) में जूनियर टेक्नीशियन की नौकरी मिली।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, यह घटना अगस्त 2021 की है। उस समय बीएनपी ने 135 जूनियर टेक्नीशियन पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू की थी। 2 अगस्त 2021 को पवई स्थित आईओएन डिजिटल जोन में ऑनलाइन परीक्षा आयोजित की गई थी। आरोप है कि इस परीक्षा में श्रवण की जगह दीपक ने बैठकर पेपर हल किया। इसके बाद दस्तावेज़ सत्यापन के दौरान श्रवण खुद मौजूद रहा और उसे नियुक्ति पत्र भी मिल गया।
चालाकी से परीक्षा पास कर लेने के बाद श्रवण ने नवंबर 2021 में नौकरी ज्वाइन कर ली। करीब तीन साल तक यह मामला दबा रहा। लेकिन इस वर्ष बीएनपी द्वारा कर्मचारियों के दस्तावेज़ और भर्ती प्रक्रिया की जांच शुरू की गई तो पूरा फर्जीवाड़ा सामने आ गया। इसे भी पढ़ें- नागपुर मेट्रो में नौकरी का झांसा देकर 8.30 लाख वसूले, फर्जी नियुक्ति पत्र भी दिया
जांच में जब यह साबित हुआ कि परीक्षा श्रवण ने नहीं बल्कि दीपक ने दी थी, तब पवई पुलिस ने दोनों के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी की धाराओं में केस दर्ज किया। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, “यह सरकारी नौकरी में धोखाधड़ी का गंभीर मामला है। दोनों आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।”
बीएनपी प्रबंधन ने इस मामले की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर ली है। माना जा रहा है कि श्रवण की नौकरी रद्द हो सकती है और आगे इस तरह के मामलों को रोकने के लिए सुरक्षा उपाय और कड़े किए जाएंगे।