

Ganesh visarjan 2025: प्रथम पूज्य श्रीगणेश की दस दिवसीय आराधना, भक्ति और उल्लास के बाद शनिवार को अनंत चतुर्दशी के दिन बप्पा को विदाई दी गई। शहरभर में विसर्जन शोभायात्राओं ने माहौल को भक्तिमय बना दिया। ढोल-ताशों की थाप, गुलाल की रंगत और “गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ” के जयकारों से चौपाटी और शहर की सड़कों पर आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा।
बीएमसी के मुताबिक इस बार कुल 36,632 गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया। इनमें 5,855 सार्वजनिक, 30,468 घरेलू और 309 गौरी प्रतिमाएं शामिल थीं। लालबाग के राजा, चिंचपोकली के चिंतामणि, गणेश गली के राजा और कालाचौकी के महागणपति जैसे दिग्गज मंडलों की शोभायात्राएं लोगों का केंद्र बनीं।
गिरगांव चौपाटी समेत शहर के 70 प्राकृतिक और 290 से अधिक कृत्रिम जलाशयों पर विसर्जन किया गया। सड़कों के किनारे, इमारतों की छतों और यहां तक कि पेड़ों की शाखाओं पर बैठे हजारों भक्तों ने अपने प्रिय बप्पा के अंतिम दर्शन किए। गुलाल उड़ाते और पटाखे फोड़ते हुए भक्त नम आंखों से बप्पा से अगले साल जल्दी आने की प्रार्थना करते रहे। इसे भी पढ़ें- परंपरा टूटी! लालबाग राजा के विसर्जन में घंटों की देरी, भक्त बोले- बप्पा अगर भूल हुई हो तो माफ करना
विसर्जन को सफल और सुरक्षित बनाने के लिए बीएमसी ने 10 हजार से अधिक कर्मचारियों की तैनाती की। 2,178 लाइफगार्ड, 56 मोटर बोट, 594 निर्माल्य कलश और 307 वाहन तैयार रखे गए। सुरक्षा के लिए 129 अवलोकन टावर, 42 क्रेन, 287 स्वागत कक्ष, 236 प्राथमिक चिकित्सा केंद्र और 115 एम्बुलेंस की व्यवस्था की गई। वहीं 6,188 फ्लडलाइट्स और 138 सर्चलाइट्स से घाटों को रोशन किया गया।
लालबाग के राजा पर पारंपरिक पुष्पवर्षा के लिए 1,200 से अधिक स्टील प्लेटों का इस्तेमाल हुआ। इसी दौरान रस्सी के सहारे राफेल विमान का एक मॉडल भी प्रदर्शित किया गया, जो श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र रहा।
भायखला स्थित खटाव मिल और पोद्दार मिल के पास राष्ट्रीय मिल मजदूर संघ द्वारा विशेष स्वागत कक्ष बनाया गया, जहां देर रात लालबाग के राजा को भावुक विदाई दी गई। विधायक सचिन अहीर और महासचिव गोविंदराव मोहिते भी इस अवसर पर मौजूद रहे।
बारिश और भारी भीड़ के बावजूद गणेश भक्तों का उत्साह कम नहीं हुआ। भक्तों ने कहा- “गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ।”