Mumbai Police Arrest After 42 Years प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स AI)
Salim Abdul Dorajiwala Byculla Police: मुंबई पुलिस के अपराध जगत के इतिहास में रविवार की रात एक ऐसा रिकॉर्ड दर्ज हुआ, जिसने कानून के लंबे हाथों की कहावत को सच कर दिखाया है। भायखला पुलिस स्टेशन की टीम ने 42 साल से फरार चल रहे एक शातिर अपराधी को दक्षिण मुंबई के पायधुनी इलाके से धर दबोचा। मोहम्मद उर्फ सलीम अब्दुल दोराजीवाला (सत्तार) नाम का यह आरोपी साल 1984 से पुलिस की आंखों में धूल झोंक रहा था।
1982 में हुए जानलेवा हमले के इस मामले में सलीम को जमानत तो मिली थी, लेकिन जेल से बाहर आते ही वह भूमिगत हो गया। चार दशकों तक अपनी पहचान और ठिकाने बदलकर वह कानून से बचता रहा, लेकिन आखिरकार मुखबिर की एक सटीक सूचना ने उसकी फरारी का अंत कर दिया।
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि सलीम गिरफ्तारी से बचने के लिए मुंबई छोड़कर दक्षिण और पूर्वी भारत के राज्यों में शरण ले चुका था। वह लंबे समय तक ओडिशा, विशाखापत्तनम और आंध्र प्रदेश के विभिन्न इलाकों में नाम बदलकर छिपा रहा। वह कभी भी एक जगह ज्यादा समय तक नहीं ठहरता था और लगातार अपनी लोकेशन बदलता रहता था। मझगांव स्थित अपने पैतृक निवास ‘सलीम मेंशन’ से उसका संपर्क पूरी तरह टूट चुका था, जिसके कारण पुलिस को उसे ट्रैक करने में दशकों का समय लग गया।
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भायखला पुलिस को रविवार शाम एक गोपनीय सूचना मिली कि सलीम मुंबई लौट आया है और पायधुनी के व्यस्त इलाके में किसी से मिलने आने वाला है। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर पुलिस ने तुरंत सादे कपड़ों में टीम तैनात की। चूंकि 42 साल में आरोपी का चेहरा पूरी तरह बदल चुका था, इसलिए पुलिस के लिए उसे पहचानना एक बड़ी चुनौती थी। हालांकि, पुरानी तस्वीरों और हुलिये के मिलान के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी की और उसे भागने का मौका दिए बिना दबोच लिया।
इस मामले की शुरुआत साल 1982 में मझगांव स्थित एक अवैध शराब के अड्डे पर हुई थी। सलीम अपने दोस्त इब्राहिम मालवाला के साथ वहां गया था, जहां उसकी मुलाकात सदानंद शेट्टी से हुई। मामूली बात पर शुरू हुई कहासुनी इतनी बढ़ गई कि सलीम ने शेट्टी पर धारदार हथियार से जानलेवा हमला कर दिया। भायखला पुलिस ने तब हत्या के प्रयास (धारा 307) का मामला दर्ज किया था। अब 42 साल बाद पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि फरारी के दौरान उसने और कितने अपराध किए और कौन लोग उसे पनाह दे रहे थे।