हर्षवर्धन सपकाल (सौ. सोशल मीडिया )
Harshvardhan Sapkal On FDA Clerk Bribery Case: महाराष्ट्र कांग्रेस प्रमुख हर्षवर्धन सपकाल ने एफडीए में लिपिक की गिरफ्तारी को लेकर आरोप लगाया है कि खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) मंत्री नरहरि झिरवल के कार्यालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने रिश्वत लेने के निर्देश दिए थे।
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने गुरुवार को राज्य सचिवालय, मंत्रालय में खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के एक लिपिक को कथित तौर पर 35,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा। इसके बाद कांग्रेस ने राज्य में भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार पर निशाना साधा है।
एसीबी के मुताबिक, मंत्रालय की दूसरी मंजिल पर एफडीए कार्यालय में लिपिक राजेंद्र धेरंगे को रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया था। उन्होंने कथित तौर पर एक शिकायतकर्ता से पैसे की मांग की थी जो अपना मेडिकल लाइसेंस बहाल कराना चाहता था।
हर्षवर्धन सपकाल ने शुक्रवार को ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में आरोप लगाया कि मामले में गिरफ्तार लिपिक ने पुलिस को बताया है कि वह विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के निर्देश पर काम कर रहा था। उन्होंने सवाल किया कि क्या उक्त वरिष्ठ अधिकारी झिरवल के निजी सचिव हैं और क्या संबंधित अधिकारी को गिरफ्तार किया जाएगा।
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सपकाल ने दावा किया कि शिकायतकर्ता और धेरंगे ने अपने बयानों में कहा है कि एक वरिष्ठ अधिकारी ने उन्हें रिश्वत लेने का निर्देश दिया था। उन्होंने कहा कि क्या यह सही है कि यह वरिष्ठ अधिकारी मंत्री के निजी सचिव है? यदि हां, तो उन्हें कब गिरफ्तार किया जाएगा? उन्होंने सरकार की कथित निक्रियता पर सवाल उठाया, इस बीच, झिरवल ने शुक्रवार को कहा कि यदि उनके और उनके विभाग के किसी लिपिक के बीच कोई संबंध स्थापित होता है तो वह इस्तीफा दे देंगे।