Shinde Group Poaching UBT MPs (फोटो क्रेडिट-X)
Big Setback For Shiv Sena UBT: महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर ‘भूकंप’ आने के संकेत मिल रहे हैं। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे द्वारा उद्धव ठाकरे गुट (Shiv Sena UBT) के किले में बड़ी सेंधमारी की खबरें राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बनी हुई हैं। सूत्रों के अनुसार, शिंदे ने ठाकरे गुट के आधे से ज्यादा सांसदों को अपने पाले में लाने के लिए एक गुप्त लेकिन बेहद प्रभावी ‘ऑपरेशन’ तैयार किया है। 16-17 मार्च 2026 को एकनाथ शिंदे के अचानक हुए दिल्ली दौरे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व अन्य शीर्ष नेताओं से मुलाकात के बाद इन चर्चाओं को और बल मिला है।
बताया जा रहा है कि इस रणनीतिक बैठक में न केवल विकास कार्यों, बल्कि ठाकरे गुट के उन सांसदों की सूची पर भी चर्चा हुई जो पाला बदलने को तैयार हैं।
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने दिल्ली में शिवसेना सांसदों के साथ बैठक की और आगामी राजनीतिक कदमों पर विचार-विमर्श किया। सूत्रों का दावा है कि उद्धव गुट के कम से कम 4 से 5 सांसद सीधे तौर पर शिंदे के संपर्क में हैं। इस रणनीति का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा ‘कानूनी सुरक्षा’ है। दलबदल विरोधी कानून (Anti-Defection Law) के तहत सांसदों की सदस्यता पर कोई आंच न आए, इसके लिए तकनीकी पहलुओं और सही समय (Timing) पर विस्तृत कानूनी सलाह ली गई है। शिंदे गुट का लक्ष्य संसद में ‘असली शिवसेना’ के अपने दावे को और अधिक मजबूती से पेश करना है।
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वर्तमान में दोनों गुटों के पास सांसदों की एक लंबी फेहरिस्त है, लेकिन शिंदे की नजरें ठाकरे गुट के उन चेहरों पर हैं जो सांगठनिक बदलावों से असंतुष्ट हैं।
शिंदे गुट के प्रमुख सांसद: डॉ. श्रीकांत शिंदे (कल्याण), नरेश म्हस्के (ठाणे), रविंद्र वायकर (मुंबई उत्तर-पश्चिम), श्रीरंग बारणे (मावल), प्रतापराव जाधव (बुलढाणा), संदीपन भुमरे (औरंगाबाद) और धैर्यशील माने (हातकणंगले)।
ठाकरे गुट के वर्तमान सांसद: अरविंद सावंत (मुंबई दक्षिण), अनिल देसाई (मुंबई दक्षिण मध्य), संजय दिना पाटील (मुंबई उत्तर-पूर्व), संजय देशमुख (यवतमाल-वाशीम), नागेश पाटील आष्टिकर (हिंगोली), संजय जाधव (परभणी), राजाभाऊ वाजे (नाशिक), भाऊसाहेब वाकचौरे (शिर्डी) और ओमप्रकाश राजेनिंबालकर (धाराशिव)।
चर्चा है कि ठाकरे गुट के सांसदों में से कुछ चेहरे जल्द ही ‘धनुष-बाण’ के निशान के साथ नई पारी शुरू कर सकते हैं।
इस संभावित दलबदल की खबरों ने ‘मातोश्री’ (उद्धव ठाकरे का आवास) में हलचल तेज कर दी है। ठाकरे गुट अपने सांसदों को एकजुट रखने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि शिंदे आधे से ज्यादा सांसदों को तोड़ने में सफल रहते हैं, तो यह उद्धव ठाकरे के लिए अब तक का सबसे बड़ा राजनीतिक नुकसान होगा। कानूनी रूप से, यदि दो-तिहाई सदस्य अलग होते हैं, तो उनकी सदस्यता बनी रहती है, और शिंदे इसी जादुई आंकड़े की ओर बढ़ रहे हैं।