Operation Tiger: रात के 2 बजे हुआ खेला, उद्धव गुट से शिंदे की शिवसेना में शामिल हुए 4 नगरसेवक

Operation Tiger Eknath Shinde Akola: एकनाथ शिंदे ने 'ऑपरेशन टाइगर' के तहत अकोला के 4 नगरसेवकों और जिला प्रमुख को अपनी पार्टी में शामिल किया। उद्धव ठाकरे गुट को लगा बड़ा राजनीतिक झटका।
Uddhav Thackeray Corporators Join Shiv Sena Akola
Uddhav Thackeray Corporators Join Shiv Sena Akola (फोटो क्रेडिट-X)
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Uddhav Thackeray Corporators Join Shiv Sena Akola: महाराष्ट्र की राजनीति में 'ऑपरेशन टाइगर' एक बार फिर चर्चा में है। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने उद्धव ठाकरे गुट (Shiv Sena UBT) को एक और बड़ा झटका देते हुए अकोला नगर निगम के नवनिर्वाचित 4 नगरसेवकों को अपनी पार्टी में शामिल कर लिया है। यह राजनीतिक उलटफेर 18 मार्च 2026 की मध्यरात्रि करीब 2 बजे हुआ, जब शिंदे दिल्ली दौरे से लौटकर महाराष्ट्र पहुंचे थे।

इस दलबदल के बाद अकोला नगर निगम में उद्धव गुट के पास अब केवल 2 नगरसेवक शेष रह गए हैं।

अकोला में 'ऑपरेशन टाइगर' की बड़ी कामयाबी

अकोला नगर निगम चुनावों में उद्धव ठाकरे की शिवसेना के कुल 6 नगरसेवक विजयी हुए थे। शिंदे गुट ने इनमें से 4 को अपने पाले में कर लिया है, जिससे अकोला में उद्धव गुट का आधार लगभग खत्म होने की कगार पर है। शिंदे की शिवसेना में शामिल होने वाले प्रमुख चेहरों में शामिल हैं:

  • मनोज पाटील
  • सागर भरुका
  • सोनाली सरोदे
  • सुरेखा काळे (जो महापौर पद की उम्मीदवार भी थीं)

इसके साथ ही, उद्धव गुट के जिला प्रमुख मंगेह काळे ने भी एकनाथ शिंदे के नेतृत्व पर विश्वास जताते हुए उनकी पार्टी का दामन थाम लिया है।

मध्यरात्रि के 'खेल' के पीछे की रणनीति

यह राजनीतिक घटनाक्रम तब हुआ जब महापौर पद के लिए गठबंधन की चर्चाएँ चल रही थीं। अकोला में वंचित बहुजन आघाड़ी, उद्धव गुट और कांग्रेस ने मिलकर चुनाव लड़ा था। सुरेखा काळे इस गठबंधन की ओर से महापौर पद की प्रबल दावेदार थीं, लेकिन उनके ही पाला बदल लेने से विपक्षी गठबंधन के समीकरण पूरी तरह बिगड़ गए हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि शिंदे गुट ने योजनाबद्ध तरीके से 'ऑपरेशन टाइगर' के तहत विपक्षी किलों में सेंधमारी शुरू की है।

कल्याण-डोंबिवली के बाद अब अकोला की बारी

अकोला से पहले, शिंदे गुट ने कल्याण-डोंबिवली नगर निगम (KDMC) में भी उद्धव गुट को चोट पहुँचाई थी। वहाँ के नवनिर्वाचित नगरसेवक मधुर उमेश म्हात्रे को भी शिंदे ने अपनी पार्टी में शामिल कराया था। विधानसभा चुनावों के बाद से ही एकनाथ शिंदे लगातार नगर निगमों और जिला परिषदों में उद्धव ठाकरे के समर्थकों को अपनी ओर आकर्षित कर रहे हैं। इस रणनीति का उद्देश्य स्थानीय निकायों पर अपनी पकड़ मजबूत करना और उद्धव गुट को सांगठनिक रूप से कमजोर करना है।

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