Shivdurga Samman event Mumbai (सोर्सः सोशल मीडिया)
Shiv Sena Mumbai: अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर रविवार को शिवसेना द्वारा आयोजित ‘शिवदुर्गा सम्मान’ कार्यक्रम में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने विभिन्न क्षेत्रों में संघर्ष कर सफलता हासिल करने वाली महिलाओं का सम्मान किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि इस संसार में ‘माउली’ (मां) से बड़ा कोई नहीं हो सकता।
मुंबई के षण्मुखानंद हॉल में बड़ी संख्या में उपस्थित महिलाओं और कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए शिंदे ने कहा कि उन्होंने अपनी मां और पत्नी का कठिन संघर्ष करीब से देखा है। एक महिला ही अपने परिवार और समाज के लिए इतना त्याग कर सकती है। उन्होंने कहा कि आज हर क्षेत्र में हमारी लाड़ली बहनें लंबी उड़ान भर रही हैं।
उपमुख्यमंत्री शिंदे ने कहा कि उनके मुख्यमंत्री रहते शुरू की गई ‘लाड़की बहिण योजना’ ऐतिहासिक साबित हुई है। उन्होंने कहा कि राज्य की करोड़ों बहनों का ‘लाड़का भाऊ’ कहलाना उनके लिए किसी भी पद से बड़ा सम्मान है। उन्होंने ज्योति वाघमारे का उल्लेख करते हुए कहा कि शिवसेना ग्राम पंचायत से लेकर देश की सबसे बड़ी पंचायत यानी राज्यसभा तक काबिल महिलाओं को अवसर दे रही है।
इस अवसर पर महिलाओं ने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का ‘लाड़के भाऊ’ के रूप में सम्मान किया। लोकसभा में शिवसेना गुट के नेता और सांसद श्रीकांत शिंदे ने कहा कि महायुति सरकार महिला सशक्तिकरण के लिए कई योजनाएं चला रही है, जिनमें लाड़की बहिण योजना, लेक लखपति योजना, महिला स्वयं सहायता समूह और ‘आरोग्य आपला द्वारी’ जैसी पहल शामिल हैं। इन योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को उद्यमिता के अवसर, आत्मनिर्भरता और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में बढ़ावा दिया जा रहा है।
कार्यक्रम के दौरान समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट उपलब्धियां हासिल करने वाली महिलाओं को ‘शिवदुर्गा सम्मान’ पुरस्कार से सम्मानित किया गया। समारोह में इस बात पर जोर दिया गया कि कई महिलाओं ने अपने दृढ़ संकल्प, कड़ी मेहनत और लक्ष्य के बल पर समाज में अलग पहचान बनाई है और उनके कार्य से अन्य महिलाओं को भी प्रेरणा मिलती है। इस मौके पर महिलाओं को अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए सांसद श्रीकांत शिंदे और मंत्रियों के हाथों फूड ट्रक भी वितरित किए गए।
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इस कार्यक्रम में नीलम गोरहे, मनीषा कायंडे, मीनाताई कांबले, ज्योति वाघमारे, शीतल म्हात्रे, कृष्णा विश्वासराव, संजना घाडी, उदय सामंत, प्रकाश अबितकर, मिलिंद देवड़ा, गजानन कीर्तिकर, प्रकाश सुर्वे, मंगेश कुडालकर और संजय घाडी समेत कई शिवसेना नेता, पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद थे।