Maulana Khalid Ashraf Dongri Attack (फोटो क्रेडिट-X)
Maulana Khalid Ashraf Dongri: दक्षिण मुंबई का डोंगरी इलाका रविवार रात एक हिंसक झड़प का गवाह बना, जिसमें प्रमुख धार्मिक नेता मौलाना खालिद अशरफ और उनके दो बेटों पर भीड़ द्वारा जानलेवा हमला किया गया। यह घटना महज एक छोटी सी स्कूटी की टक्कर से शुरू हुई थी, जिसने कुछ ही घंटों में एक गंभीर आपराधिक वारदात का रूप ले लिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए डोंगरी पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी सहित चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया है, जिनमें एक नाबालिग भी शामिल है। इस हमले के बाद इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू कर दी है।
डोंगरी पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, विवाद की शुरुआत तब हुई जब डोंगरी की पाला गली में एक स्थानीय युवक ने मौलाना के बेटे मोइज की स्कूटी को टक्कर मार दी। उस समय दोनों पक्षों में कहासुनी हुई, जिसे मौलाना अशरफ ने हस्तक्षेप कर शांत कराने की कोशिश की और अपने बेटे को घर बुला लिया। हालांकि, आरोपियों के मन में रंजिश बरकरार रही। शाम को जब मौलाना अपने दोनों बेटों के साथ एक पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे, तभी दाऊद फजल हाई स्कूल के पास घात लगाए आरोपियों ने उन पर हमला बोल दिया।
घटना के समय लगभग 15 लोगों की उग्र भीड़ ने मौलाना और उनके बेटों को घेर लिया। हमलावरों ने डंडों, बांस और कुर्सियों से उन पर बेरहमी से वार किए। मौलाना अशरफ ने अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि उन्होंने हमलावरों को अपनी पहचान बताई और हमला रोकने की गुहार लगाई, लेकिन भीड़ पर इसका कोई असर नहीं हुआ। पुलिस ने इस मामले में मोहम्मद जीना परेज खान (24), साहिल मंज़िल मस्जिद खान (18) और माजिद खालिद खान (45) को गिरफ्तार किया है। सभी आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं के तहत ‘हत्या के प्रयास’ का मुकदमा दर्ज किया गया है।
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हमले की खबर मिलते ही स्थानीय विधायक अमीन पटेल मौके पर पहुंचे और घायल बेटों को इलाज के लिए जेजे अस्पताल में भर्ती कराया। अमीन पटेल ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए इसे शर्मनाक बताया और पुलिस से आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग की। घटना के बाद विभिन्न समुदायों के नेता और मौलाना के समर्थक बड़ी संख्या में डोंगरी पुलिस स्टेशन पहुंचे, जिससे इलाके में तनावपूर्ण शांति बनी रही। विधायक ने अस्पताल में घायलों का हाल जाना और प्रशासन को सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
इतने गंभीर हमले के बावजूद मौलाना खालिद अशरफ ने संयम का परिचय दिया है। उन्होंने अपने अनुयायियों और समर्थकों से किसी भी प्रकार की हिंसा न करने और कानून हाथ में न लेने की पुरजोर अपील की है। मौलाना ने कहा कि वह एक सम्मानित इमाम हैं और उन्हें देश की न्याय व्यवस्था और पुलिस पर पूरा भरोसा है। फिलहाल डोंगरी पुलिस फरार अन्य आरोपियों की तलाश में छापेमारी कर रही है और सीसीटीवी फुटेज के जरिए भीड़ में शामिल अन्य लोगों की पहचान की जा रही है।