PCMC promotion scam (सोर्सः सोशल मीडिया)
Maharashtra Legislative Council: पिंपरी-चिंचवड महानगरपालिका में पिछले 10 वर्षों के दौरान अन्य राज्यों के विश्वविद्यालयों की संदिग्ध डिग्रियों के आधार पर की गई पदोन्नतियों का गंभीर मामला शनिवार को महाराष्ट्र विधान परिषद में जोरदार तरीके से उठा। विधायक अमित गोरखे ने यह मुद्दा सदन के सामने रखा, जिसके बाद विधायक प्रवीण दरेकर ने आक्रामक रुख अपनाते हुए दोषी कर्मचारियों और अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। राज्यमंत्री माधुरी मिसाल ने सदन को आश्वस्त किया कि पूरे प्रकरण की गहन जांच कर तीन महीनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी।
प्रश्नकाल के दौरान विधायक अमित गोरखे ने अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (AICTE) और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) की डिग्रियों को लेकर महत्वपूर्ण सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अन्य राज्यों की ‘डिस्टेंस एजुकेशन’ के जरिए हासिल की गई डिग्रियों के आधार पर नियमों को ताक पर रखकर पदोन्नति देना बेहद गंभीर मामला है। इससे योग्य और ईमानदार कर्मचारियों के साथ अन्याय हो रहा है।
विधायक प्रवीण दरेकर ने बताया कि कर्नाटक, असम, सिक्किम, राजस्थान और केरल जैसे राज्यों के विश्वविद्यालयों से ‘डिस्टेंस एजुकेशन’ के माध्यम से प्राप्त डिग्रियों के आधार पर पिंपरी-चिंचवड महापालिका के अनेक कर्मचारियों ने पदोन्नति हासिल कर ली है। विशेष रूप से इंजीनियरिंग और तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में ऐसी डिग्रियां पूरी तरह अवैध होने के बावजूद महापालिका प्रशासन ने बिना किसी जांच के उन्हें स्वीकार कर लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ कर्मचारियों ने स्थानीय अधिकारियों से मिलीभगत कर नियम-विरुद्ध डिग्रियों के दम पर अपने पद ऊंचे कर लिए।
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दरेकर की मांग पर मंत्री माधुरी मिसाल ने कहा कि AICTE और UGC के नियमों के अनुसार सभी तकनीकी पहलुओं की पड़ताल की जाएगी। अन्य राज्यों की डिग्रियों के आधार पर हुई पदोन्नतियों की राज्य सरकार सखोल जांच करेगी और अगले तीन महीनों में विस्तृत रिपोर्ट सदन के समक्ष प्रस्तुत की जाएगी। इस मामले में कितने कर्मचारियों की भर्ती और पदोन्नति हुई, इसका राज्यस्तरीय ब्यौरा भी सदन को दिया जाएगा।