धारावी वालों के लिए ‘डेडलाइन’ तय! 31 मार्च तक कागज़ जमा नहीं किए, तो हाथ से निकल जाएगा अपना घर
Dharavi Redevelopment Project: धारावी पुनर्विकास प्रोजेक्ट में शामिल होने का आखिरी मौका! 31 मार्च 2026 तक जमा करें दस्तावेज। डॉ. महेंद्र कल्याणकर की अपील- पात्रता सूची से न हों बाहर।
- Written By: प्रिया जैस
धारावी प्रोजेक्ट (सौजन्य-सोशल मीडिया)
Dharavi Housing Survey: धारावी रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट (डीआरपी) अधिकारियों ने धारावी के लोगों को आखिरी नोटिस जारी किया है, जिन्होंने योग्यता सर्वेक्षण हेतु जरूरी डॉक्यूमेंट्स जमा नहीं किए हैं, उन्हें रीडेवलपमेंट प्रोसेस में हिस्सा लेने का आखिरी मौका दिया है। इसके लिए 31 मार्च 2026 अंतिम तिथि निर्धारित की गयी है।
धारावी के निवासियों से अपील की गयी है कि वे 31 मार्च से पहले जरूरी डॉक्यूमेंट्स जमा करा दें, ताकि उन्हें भी रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट का लाभ मिल सके। ऐसा न करने पर अधिकारी मौजूद रिकॉर्ड के आधार पर योग्यता प्रोसेस को आगे बढ़ाएंगे।
यहां जारी एक बयान में डीआरपी व एसआरए के सीईओ डॉ. महेंद्र कल्याणकर ने कहा कि पिछले कुछ माह से सभी निवासियों को अपने डॉक्यूमेंट्स जमा करने में मदद करने के लिए कई नोटिफिकेशन, रिमाइंडर और सुविधा कैंप लगाए गए थे।
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इस प्रक्रिया में लोगों को जागरूक करने और उनकी मदद करने के लिए खास प्रयास भी किए गए। कई बचे हुए लोगों ने जवाब दिया है और अपनी डिटेल्स जमा कर दी हैं, जबकि कुछ ने बार-बार मौका दिए जाने के बावजूद डॉक्यूमेंटेशन पूरे जमा नहीं किए हैं।
91,321 का हाउसहोल्ड सर्वे पूरा
डॉ. कल्याणकर के मुताबिक, लगभग 91,321 यूनिट्स ने हाउसहोल्ड सर्वे पूरा कर लिया है। डॉक्यूमेंट्स जमा न करने, घर के मुखिया की गैरमौजूदगी आदि कारणों से लगभग 24,162 यूनिट्स अपूर्ण हैं। इस बीच, लगभग 13 हजार यूनिट्स जिनमें से अधिकांश कुंभारवाड़ा, कंपाउंड 13 और कुछ अन्य क्षेत्रों से है, ने अब तक सर्वे में हिस्सा नहीं लिया है।
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सभी पात्र निवासी होंगे शामिल
डॉ. कल्याणकर ने कहा कि यह पक्का करने के लिए कि कोई भी पात्र निवासी पीछे न छूटे, यह फाइनल नोटिस जरूरी डॉक्यूमेंट्स और जानकारी जमा करने का आखिरी मौका देता है। हमने धारावी निवासियों को अलग-अलग नोटिस देना शुरू कर दिया है, ताकि बातचीत में कोई कमी न हो। सर्वे में पूरी तरह से हिस्सा लेने वालों को इंतजार कराना गलत होगा, क्योंकि कुछ हजार लोग इस प्रक्रिया में फंस गए है। सभी पात्र निवासियों को इसका लाभ मिले यही उद्देश्य है।
