कर्नाटक पुलिस को एफआईआर दर्ज करने का अधिकार नहीं, अजित पवार मामले में फडणवीस का बयान
Devendra Fadnavis: महाराष्ट्र विधानसभा के बजट सत्र के अंतिम दिन मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अजित पवार विमान दुर्घटना मामले में कर्नाटक में दर्ज जीरो एफआईआर को गैरकानूनी बताया।
- Written By: आंचल लोखंडे
Devendra Fadnavis assembly statement (सोर्सः सोशल मीडिया)
Rohit Pawar Question In Maharashtra Assembly : महाराष्ट्र विधानसभा के बजट सत्र के अंतिम दिन मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस सदन में जमकर बरसे। अंतिम सप्ताह के प्रस्ताव पर जवाब देते हुए उन्होंने पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार विमान हादसे के मामले में कर्नाटक में दर्ज ‘जीरो एफआईआर’ और अंधविश्वास से जुड़े मामले पर सरकार का रुख स्पष्ट किया।
सीएम ने कहा कि बारामती विमान दुर्घटना में अजित पवार की मौत के मामले में कर्नाटक में दर्ज ‘जीरो एफआईआर’ पूरी तरह से अन्याय और राजनीति से प्रेरित है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारतीय न्याय संहिता के अनुसार कर्नाटक सरकार को इस मामले में एफआईआर दर्ज करने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि जीरो एफआईआर तब दर्ज की जाती है, जब पीड़ित शिकायत दर्ज की स्थिति में नहीं हो।
सत्र के अंतिम दिन विपक्ष पर बरसे मुख्यमंत्री
विधायक रोहित पवार का खुलासा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि संभव है कि राहुल गांधी की मुलाकात के बाद राजनीतिक सिद्धांतों से लेकर कर्नाटक में तोड़फोड़ की गई हो, ताकि महाराष्ट्र की कानून-व्यवस्था को खराब दिखाया जा सके।
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किसी के ‘बाप’ को भी नहीं छोड़ेंगे: फडणवीस
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अजित पवार की मौत के पीछे कोई साजिश या हत्या नहीं होने का जवाब देते हुए कहा कि अगर अजित पवार की मौत के पीछे कोई साजिश या हत्या नहीं मिली, तो किसी को भी कीमत नहीं चुकानी पड़ेगी।
उन्होंने कहा, “पिछले पांच-सात वर्षों में अजित दादा के साथ मेरी गहरी मित्रता रही है। यदि यह महज दुर्घटना नहीं है, तो हम आकाश-पाताल एक कर देंगे। किसी का भी ‘बाप’ क्यों न हो, उसे नहीं छोड़ेंगे।” उन्होंने यह भी बताया कि ऐसे मामलों में पहले एक्सीडेंटल डेथ रिपोर्ट दर्ज की जाती है, जिसे जांच के आधार पर बाद में एफआईआर में बदल दिया जाता है।
तो व्यावहारिक के सलाहकार होत
अंधविश्वास पर कटाक्ष करते हुए सीएम ने कहा कि अगर जादू-टोना और नींबू-मिर्ची से मामला हल हो जाता है, तो अशोक खरात जैसे लोग आज डोनाल्ड ट्रंप के सुरक्षा सलाहकार होते। उन्होंने कहा कि तब देश की रक्षा के लिए सैनिकों की जरूरत नहीं है और कुछ भोंदू बाबा ही सुरक्षित सीमा कर देते हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि इस मामले में सख्त कार्रवाई की जाएगी और अपराधियों पर कानून लागू करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है।
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हमारे अधिकारों की व्यवस्थाएं कर रहे हैं
सतारा जिला परिषद के अध्यक्ष पद के चुनाव के दौरान हुई धक्का-मुक्की के मामले में नीलम गोरे द्वारा सतारा के पुलिस अधीक्षक तुषार दोशी के निलंबन के निर्देश दिए जाने पर भी विपक्ष ने पलटवार किया। उन्होंने कहा, “अब प्रमाणित ही हो रहा है। हमारी अथॉरिटी में समाधान कर रहे हैं।”
