दिपक केसरकर (सौ. सोशल मीडिया )
Deepak Kesarkar Reaction Ashok Kharat Case: शिवसेना शिंदे गुट के विधायक और पूर्व मंत्री दीपक केसरकर ने तांत्रिक अशोक खरात मामले में अपने ऊपर लगे आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने कहा कि एक साजिश के तहत उन्हें बदनाम करने की कोशिश की जा रही है।
केसरकर ने आरोप लगाया कि उद्धव ठाकरे की पार्टी उनसे राजनीतिक नफरत के कारण उनका नाम इस मामले से जोड़ रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका अशोक खरात से कोई संबंध नहीं है और उन्होंने किसी भी तरह से उसे बचाने का प्रयास नहीं किया।
उन्होंने कहा कि जब शिवसेना में बगावत हुई थी, तब वे एकनाथ शिंदे के साथ खड़े रहे। इसी वजह से ठाकरे गुट उनसे नाराज है और अब उन्हें इस मामले में बलि का बकरा बनाया जा रहा है।
केसरकर ने अपनी धार्मिक आस्था का जिक्र करते हुए कहा कि वे साईं बाबा के भक्त हैं और किसी भी प्रकार की अघोरी पूजा या तांत्रिक गतिविधियों से उनका कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ लगाए जा रहे आरोप पूरी तरह निराधार हैं।
उन्होंने शिवसेना (यूबीटी) के प्रवक्ता संजय राउत पर भी निशाना साधते हुए कहा कि एक सोची-समझी रणनीति के तहत उनकी छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है। हालांकि उन्होंने विश्वास जताया कि यह प्रयास सफल नहीं होंगे।
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केसरकर ने स्पष्ट किया कि जो लोग उनकी बदनामी करने का प्रयास कर रहे हैं, उनके खिलाफ वे जल्द ही कानूनी सलाह लेकर कार्रवाई करेंगे। इस बयान के बाद राज्य की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी तेज होने की संभावना है।