Chhagan Bhujbal LPG Gas Crisis (फोटो क्रेडिट-X)
Chhagan Bhujbal On LPG Gas Crisis: वैश्विक उथल-पुथल और पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच महाराष्ट्र के होटल और खाद्य व्यवसाय से जुड़े लोगों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। राज्य के अन्न, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री छगन भुजबल ने जानकारी दी है कि केंद्र सरकार ने राज्य में वाणिज्यिक एलपीजी (Commercial LPG) की आपूर्ति बढ़ाने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। पिछले कुछ समय से गैस की किल्लत के कारण बंद होने की कगार पर पहुँच चुके होटलों और ढाबों के लिए यह फैसला किसी संजीवनी से कम नहीं है।
अमरीका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर वैश्विक एलपीजी आपूर्ति श्रृंखला पर पड़ा है, जिसके चलते महाराष्ट्र में भी घरेलू और व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की भारी कमी महसूस की जा रही थी। इस संकट को देखते हुए केंद्र सरकार ने राज्यों को अतिरिक्त कोटा आवंटित करने के निर्देश दिए हैं। मंत्री छगन भुजबल के अनुसार, 23 मार्च से राज्य में व्यावसायिक गैस की आपूर्ति में 20 प्रतिशत की अतिरिक्त वृद्धि की जाएगी, जिससे कुल आपूर्ति संकट-पूर्व स्तर के 50 प्रतिशत तक पहुँच जाएगी।
केंद्र सरकार के पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा जारी नए निर्देशों के तहत, इस अतिरिक्त 20 प्रतिशत गैस कोटे का वितरण मुख्य रूप से होटल, ढाबों, उपहारगृहों और औद्योगिक कैंटीन को किया जाएगा। इसके अलावा, खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों और डेयरी व्यवसाय को भी इसमें प्राथमिकता दी जाएगी। राज्य सरकार या स्थानीय निकायों द्वारा संचालित अनुदानित कैंटीन, सामुदायिक रसोई (Community Kitchens) और प्रवासी मजदूरों के लिए चल रही योजनाओं को भी इस बढ़े हुए कोटे का लाभ मिलेगा।
छगन भुजबल ने स्पष्ट किया कि 21 मार्च को प्राप्त सूचना के अनुसार, पहले राज्य को केवल 30 प्रतिशत आवंटन मंजूर था। अब इसे बढ़ाकर कुल 50 प्रतिशत कर दिया गया है। यह नया नियम 23 मार्च से अगले आदेश तक प्रभावी रहेगा। इस निर्णय से पुणे और मुंबई जैसे महानगरों में ठप पड़े होटल व्यवसाय को फिर से गति मिलने की उम्मीद है। इससे न केवल व्यापारियों को राहत मिलेगी, बल्कि आम जनता को भी बाहर खाने-पीने की सुविधाओं में हो रही दिक्कतों से छुटकारा मिलेगा।
राहत की इस खबर के साथ मंत्री भुजबल ने एक महत्वपूर्ण शर्त भी साझा की है। उन्होंने बताया कि इस अतिरिक्त कोटे का लाभ लेने के लिए होटल व्यवसायियों को तेल विपणन कंपनियों (OMCs) के पास अपना पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। साथ ही, भविष्य में गैस की निर्भरता और संकट को कम करने के लिए इन व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को पीएनजी (PNG) कनेक्शन के लिए आवेदन करना भी बंधनकारक रहेगा। इस कदम का उद्देश्य आपूर्ति श्रृंखला को अधिक सुलभ और आधुनिक बनाना है।