Ease Of Doing Business वॉर रूम से फडणवीस का प्लान — महाराष्ट्र बनेगा बेस्ट मॉडल
Maharashtra में अब बिजनेसमैन को ज्यादा दिक्कतों का सामना नहीं करना होगा। सरकार ने इंस्पेक्टर राज को खत्म करने का फैसला लिया है। CM Devendra Fadnavis ने महाराष्ट्र में निवेश के बारे में बताया है।
- Written By: अपूर्वा नायक
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (सौ. सोशल मीडिया X )
Mumbai News In Hindi: महाराष्ट्र में अब कारोबारियों को निवेश के लिए कई तरह की परमिशन के लिए ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। सरकार ने इंस्पेक्टर राज को ख़त्म करने का फैसला लिया है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि हमारा राज्य देश में सबसे अधिक विदेशी निवेश आकर्षित करने वाला राज्य बन गया है। इस निवेश को कम समय में उद्योगों में बदलने के लिए सुधार किए जा रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि नए उद्योग स्थापित करने के लिए कई तरह के परमिशन की संख्या कम करके समय की बचत की जानी चाहिए।
देवेंद्र फडणवीस शुक्रवार को सह्याद्री गेस्ट हाउस में ‘व्यापार सुगमता’ यानी इज ऑफ डूइंग बिजनेस के वॉर रूम मीटिंग में सुधारों की समीक्षा करते हुए बोल रहे थे।
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आर्टिफिशियल का लें सहारा
फडणवीस ने कहा कि समृद्ध औद्योगिक महाराष्ट्र के निर्माण के लिए ‘व्यापार सुगमता नीति लागू की जा रही है। इन सुधारों को लागू करके, महाराष्ट्र को नए उद्योग शुरू करने के लिए ‘सर्वोत्तम मॉडल’ तैयार करना चाहिए, नगरीय विकास विभाग को उद्योगों द्वारा आवश्यक भवन निर्माण परमिट प्राप्त करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेस पर आधारित एक ऑनलाइन प्रणाली विकसित करनी चाहिए।
नियमों के अनुसार, भवन निर्माण परमिट के लिए आवेदन करने के बाद, संबंधित व्यक्ति को आवश्यक दस्तावेज पूरे करने के बाद इस प्रणाली के माध्यम से भवन निर्माण परमिट मिल जाएगा। इस प्रणाली को ‘ऑटो सिस्टम’ पर लागू किया जाना बाहिए और आवेदक का समय बचाना चाहिए उद्योगों के लिए आवश्यक कई परमिट कई विभागों से संबंधित होते हैं।
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ऐसे में एक ही आवेदन में सभी संबंधित परमिट जारी करने की व्यवस्था की जानी चाहिए। इस बात का ध्यान रखा जाना चाहिए कि उद्यमी को दोबारा आवेदन न करना पड़े। ऐसी व्यवस्था की जानी चाहिए कि प्रदूषण की दृष्टि से हरित श्रेणी में आने वाले उद्योगों को अगले कुछ वर्षों तक विभिन्न लाइसेंस प्राप्त करने की आवश्यकता न पड़े। एक निश्चित अवधि के बाद लाइसेंस को विनियमित किया जाना चाहिए, उद्योगों के लिए कई लाइसेस जिला स्तर पर जारी किए जाते हैं। ऐसे में, जिला प्रशासन द्वारा शीघ्रता से लाइसेंस जारी करने के लिए राज्य स्तर पर संबंधित विभागों के बीच समन्वय बढ़ाया जाना चाहिए।
