Bangladeshi Arrest in Jogeshwari प्रतीकात्मक तस्वीर (डिजाइन फोटो)
Mumbai Police: मुंबई के जोगेश्वरी इलाके में ओशिवारा पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 5 अवैध बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया है। ये नागरिक पिछले कई वर्षों से अपनी पहचान छिपाकर मुंबई में रह रहे थे। पुलिस ने इनके पास से भारी मात्रा में फर्जी आधार कार्ड और राशन कार्ड बरामद किए हैं। ओशिवारा पुलिस की आतंकवाद विरोधी शाखा (ATC) द्वारा की गई इस छापेमारी ने शहर में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों के संगठित नेटवर्क पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सीनियर पुलिस इंस्पेक्टर संजय चव्हाण के नेतृत्व में पुलिस की टीम अब इन आरोपियों के ‘बैकवर्ड लिंकेज’ की जांच कर रही है।
यह पूरी कार्रवाई ओशिवारा पुलिस की एटीसी टीम को मिली एक पुख्ता जानकारी के बाद शुरू हुई। पुलिस को सूचना मिली थी कि जोगेश्वरी पश्चिम के बहराम बाग इलाके में कुछ संदिग्ध विदेशी नागरिक छिपे हुए हैं। पुलिस ने इलाके में जाल बिछाकर निगरानी शुरू की और सही समय पर छापेमारी कर कुल 5 लोगों को हिरासत में लिया। गिरफ्तार किए गए लोगों में 4 महिलाएं और 1 पुरुष शामिल हैं। प्रारंभिक पूछताछ में वे अपनी नागरिकता से जुड़े वैध पासपोर्ट या वीजा दस्तावेज पेश करने में विफल रहे, जिसके बाद उन्हें आधिकारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया।
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तलाशी के दौरान पुलिस को आरोपियों के पास से जो दस्तावेज मिले, वे चौंकाने वाले थे। इन बांग्लादेशी नागरिकों के पास भारतीय आधार कार्ड और राशन कार्ड मौजूद थे, जो प्रथम दृष्टया फर्जी पाए गए हैं। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि मुंबई में इन विदेशी नागरिकों को भारतीय नागरिकता के ये संवेदनशील दस्तावेज मुहैया कराने वाला मास्टरमाइंड कौन है। ओशिवारा पुलिस यह भी पता लगा रही है कि क्या इनके पीछे कोई ऐसा संगठित गिरोह सक्रिय है जो मानव तस्करी और फर्जी आईडी बनाने का अवैध धंधा चला रहा है।
हाल के दिनों में मुंबई पुलिस ने अवैध प्रवासियों के खिलाफ अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। जोगेश्वरी की इस घटना से पहले कुरार पुलिस ने मलाड के पठानवाड़ी इलाके से भी चार बांग्लादेशियों को दबोचा था। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि ये गिरफ्तारियां एक बड़े नेटवर्क का हिस्सा हो सकती हैं। आरोपियों के खिलाफ पासपोर्ट अधिनियम और विदेशी नागरिक अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस प्रशासन ने स्थानीय मकान मालिकों और नियोक्ताओं से भी अपील की है कि वे किसी को भी काम पर रखने या कमरा देने से पहले उनके दस्तावेजों का पुलिस वेरिफिकेशन जरूर कराएं।