Mumbai-Ahmedabad Bullet Train को नई रफ्तार, स्टील ट्रस ब्रिज बना इंजीनियरिंग मिसाल
Maharashtra News: मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना के तहत अहमदाबाद में 100 मीटर लंबा स्टील ब्रिज सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। यह ब्रिज अंडरग्राउंड मेट्रो टनल के ऊपर बनाया गया है।
- Written By: अपूर्वा नायक
बुलेट ट्रेन (सौजन्य-सोशल मीडिया, कंसेप्ट फोटो)
Bullet Train Project: मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना को एक और अहम गति देते हुए अहमदाबाद जिले में 100 मीटर लंबा ‘मेक इन इंडिया’ स्टील ब्रिज सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। यह ब्रिज भूमिगत मेट्रो टनल के ऊपर बनाया गया है और गुजरात में पूर्ण हुए स्टील ब्रिजों में 13वां है।
राज्य में कुल 17 स्टील ब्रिज प्रस्तावित हैं। इस स्थान पर बुलेट ट्रेन का एलाइन्मेंट कालूपुर और शाहपुर मेट्रो स्टेशनों को जोड़ने वाली अंडरग्राउंड मेट्रो टनल के ऊपर से गुजरता है। मेट्रो टनल पर किसी भी प्रकार का भार न पड़े।
इसके लिए फाउंडेशन को टनल से दूर रखा गया, जिससे सामान्य 30-50 मीटर स्पैन की जगह करीब 100 मीटर का स्पैन अपनाना पड़ा। इसके तहत पारंपरिक वायाडक्ट की जगह स्टील ट्रस ब्रिज डिजाइन किया गया। करीब 1,098 मीट्रिक टन वजनी इस ब्रिज को जमीन से 16।5 मीटर ऊंचाई पर अस्थायी ट्रेसल्स पर असेंबल किया गया।
सम्बंधित ख़बरें
MBBS बनाम BHMS: मिक्सोपैथी पर क्यों मचा घमासान? जानें 60% अस्पतालों को चलाने वाले डॉक्टरों का पक्ष
ढोंगी गुड्डे हैं राउत और उद्धव… गूंगी गुड़िया विवाद पर भड़के BJP नेता, याद दिलाया नारायण राणे का वो किस्सा
EXPLAINER: डॉक्टरों की हड़ताल से चरमराई महाराष्ट्र की स्वास्थ्य व्यवस्था, जानें क्या है मिक्सोपैथी विवाद?
तब चुप क्यों थे शिंदे? सुप्रीम कोर्ट में कपिल सिब्बल ने दागे ये तीखे सवाल, एकनाथ से छिन जाएगा धनुष-बाण?
बुलेट ट्रेन को मिली मजबूती
असेंबली पूरी होने के बाद इसे सावधानीपूर्वक स्थायी सपोर्ट सिस्टम पर स्थापित किया गया। यह संरचना अहमदाबाद-साबरमती मुख्य लाइन के समानांतर स्थित है, जिसकी ऊंचाई 14 मीटर और चौड़ाई 15।5 मीटर है। ब्रिज का निर्माण महाराष्ट्र के वर्धा स्थित वर्कशॉप में किया गया और ट्रेलरों के जरिए साइट तक पहुंचाया गया।
ये भी पढ़ें :- 5 जुलाई 2026 तक यातायात के लिए खुलेगा New Sion Flyover, बीएमसी ने तय की डेडलाइन
इसमें 45, 186 हाई-स्ट्रेंथ बोल्ट, C5 प्रोटेक्टिव पेटिंग और इलास्टोमेरिक बेयरिंग्स का उपयोग किया गया है। यह उपलब्धि बुलेट ट्रेन परियोजना की उस प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जिसके तहत हाई-स्पीड रेल परियोजनाओं को मौजूदा शहरी परिवहन नेटवर्क के साथ सुरक्षित और टिकाऊ ढंग से जोड़ा जा रहा है।
