‘जय हो’ से तंग हुए मुंबईकर! मेलोडी रोड की धुन से परेशान हो रहे स्थानीय निवासी, BMC करेगी ध्वनि स्तर की जांच
Melody Road Investigation: मुंबई कोस्टल रोड पर 'जय हो' की धुन सुनाने वाली मेलोडी रोड का विरोध तेज। बीएमसी अब ध्वनि स्तर की जांच करेगी और निवासियों की शिकायतों का निपटारा करेगी।
- Written By: अनिल सिंह
Melody Road Investigation प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स AI)
Mumbai Coastal Road: मुंबई की महत्वाकांक्षी कोस्टल रोड परियोजना पर सुरक्षित ड्राइविंग को प्रोत्साहित करने के लिए बनाया गया ‘मेलोडी रोड’ (Melody Road) स्ट्रेच अब विवादों के घेरे में है। वाहनों के टायरों और सड़क की रंबल स्ट्रिप्स के घर्षण से निकलने वाली ‘जय हो’ की धुन स्थानीय निवासियों के लिए मानसिक तनाव का कारण बन गई है। ब्रीच कैंडी और आसपास के इलाकों से मिल रही लगातार शिकायतों के बाद, बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) ने अब इस ध्वनि स्तर की तकनीकी जांच करने का निर्णय लिया है।
प्रशासन यह पता लगाने की कोशिश करेगा कि क्या यह संगीत निर्धारित डेसिबल सीमा का उल्लंघन कर रहा है और निवासियों की शांति में खलल डाल रहा है।
ब्रीच कैंडी के निवासियों ने खटखटाया प्रशासन का दरवाजा
ब्रीच कैंडी रेजिडेंट्स फोरम और ब्रीच कैंडी एएलएम (ALM) ने नगर आयुक्त भूषण गगरानी को पत्र लिखकर मेलोडी रोड के ‘म्यूजिकल स्ट्रेच’ को तुरंत बंद करने की मांग की है। निवासियों का कहना है कि सुबह 6 बजे से रात 12 बजे तक चलने वाली यह धुन एक “लगातार घुसपैठ करने वाले शोर” जैसी है। लगभग 650 परिवारों ने शिकायत की है कि इस आवाज के कारण वरिष्ठ नागरिकों और बच्चों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है, जिससे उन्हें अपने घरों की खिड़कियां हर समय बंद रखनी पड़ती हैं।
सम्बंधित ख़बरें
बढ़ गया मराठी विवाद: संजय निरुपम और मनसे सैनिकों के बीच झड़प, कार की हवा निकाली, फेंकी बोतल
तीसरी मुंबई पर थी अशोक खरात की नजर, जेल में रहते हुए की करोड़ाें की डील! उरण जमीन घोटाले का बड़ा खुलासा
ऑरेंज गेट-मरीन ड्राइव टनेल गिरगांव तक बढ़ेगी, एमएमआरडीए का प्रस्ताव, एमटीएचएल से जुड़ेगी मुंबई की गहरी सड़क सुरंग
कल्याण-कसारा के बीच 3 री लाइन का काम जारी, विशेष ब्लॉक से लोकल एक्सप्रेस ट्रेनें होंगी प्रभावित
ये भी पढ़ें- मुंबई के स्टॉक एक्सचेंज में नासिक का डंका, मुख्यमंत्री की मौजूदगी में ग्रीन बॉन्ड की धमाकेदार लिस्टिंग
सुरक्षा और स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं
स्थानीय संगठनों ने इस धुन को केवल शोर ही नहीं, बल्कि सुरक्षा के लिए भी बड़ा जोखिम बताया है:
ड्राइविंग में व्याकुलता: चालक सड़क पर ध्यान देने के बजाय धुन सुनने में मग्न हो जाते हैं।
अचानक धीमी होती गति: धुन को स्पष्ट सुनने के लिए कई चालक हाई-स्पीड रोड पर अचानक ब्रेक लगा रहे हैं, जिससे पीछे से आने वाले वाहनों के टकराने (Pile-up) का खतरा बढ़ गया है।
अस्पतालों की शांति भंग: यह क्षेत्र ब्रीच कैंडी जैसे बड़े अस्पतालों के करीब है, जहाँ मरीजों के लिए शांति अनिवार्य है।
बीएमसी (BMC) का अगला कदम
नागरिक निकाय ने निवासियों की शिकायतों को संज्ञान में लेते हुए कहा है कि वे विशेषज्ञ टीमों के माध्यम से सड़क के इस हिस्से का ध्वनि परीक्षण (Acoustic Testing) करवाएंगे। यदि ध्वनि का स्तर रिहायशी इलाकों के लिए तय मानकों से अधिक पाया गया, तो ‘मेलोडी रोड’ की संरचना में बदलाव किया जा सकता है या इसे पूरी तरह से हटाया भी जा सकता है। पत्र में मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) को भी इस मुद्दे से अवगत कराया गया है, जिससे यह मामला अब राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर प्राथमिकता बन गया है।
निवासियों का आरोप है कि प्रशासन कोस्टल रोड पर रेसिंग करने वाली सुपरकारों के शोर जैसी वास्तविक समस्याओं को सुलझाने के बजाय ऐसे “गैर-जरूरी और खर्चीले” प्रयोगों में व्यस्त है। फिलहाल, सभी की निगाहें बीएमसी की जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं।
