मुंबई के बीएमसी अस्पतालों में बढ़ेंगी आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं, PPP मॉडल पर शुरू होंगे MRI और डायलिसिस सेंटर
BMC Mumbai PPP Model: बीएमसी अस्पतालों में अब एमआरआई और सोनोग्राफी जैसी आधुनिक सुविधाएं पीपीपी मॉडल पर शुरू होगी। इससे मरीजों को कम खर्च में बेहतर इलाज अपने क्षेत्र में ही मिल सकेगी।
- Written By: अपूर्वा नायक
राजावाड़ी अस्पताल (सौ. सोशल मीडिया )
BMC Mumbai PPP Model MRI CTI Scan: बीएमसी के प्रमुख अस्पतालों में एमआरआई, सीटी स्कैन, डायलिसिस व सोनोग्राफी की सुविधा अब सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल पर आधारित होगी।
बीएमसी का दावा है कि इससे मरीजों को अस्पतालों में ही बेहत्तर और आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इस प्रस्ताव को बीएमसी की सुधार समिति से बुधवार को मंजूरी मिल गई। हालांकि, इस निर्णय को लेकर समिति की बैठक में राजनीतिक मतभेद भी सामने आए और विपक्षी सदस्यों ने स्वास्थ्य सेवाओं में निजी क्षेत्र की बढ़ती भूमिका पर आपत्ति जताई।
बीएमसी प्रशासन का दावा है कि इस कदम से मनपा अस्पतालों की स्वास्थ्य सुविधाओं में गुणात्मक सुधार होगा और मरीजों को महंगी निजी चिकित्सा सेवाओं पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। अधिकारियों के अनुसार, आधुनिक जांच उपकरणों और विशेषज्ञ सेवाओं की उपलब्धता से उपचार प्रक्रिया अधिक प्रभावी और समयबद्ध बनेगी।
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मंजूर प्रस्ताव के तहत बांद्रा स्थित केबी भाभा अस्पताल, कांदिवली के डॉ बाबासाहेब आंबेडकर अस्पताल, बोरीवली के हरिलाल भगवती अस्पताल तथा मुलुंड के एम।टी। अग्रवाल अस्पताल में एमआरआई और सीटी स्कैन केंद्र स्थापित किए जाएंगे।
इन सुविधाओं का संचालन प्रारंभिक रूप से 10 वर्ष की अवधि तक पीपीपी मॉडल के माध्यम से किया जाएगा। इसके अलावा बोरीवली के क्रांतिज्योति सावित्रीबाई फुले अस्पताल, हरिलाल भगवती अस्पताल, मुलुंड के एमटी अग्रवाल अस्पताल, कांदिवली के डॉ। बाबासाहेब आंबेडकर अस्पताल और घाटकोपर के राजावाड़ी अस्पताल में नए डायलिसिस केंद्र शुरू करने का मार्ग भी प्रशस्त हो गया है। इससे किडनी रोगियों को अपने क्षेत्र के निकट ही उपचार की सुविधा प्राप्त हो सकेगी।
7 उपनगरीय अस्पतालों में सोनोग्राफी
सुधार समिति ने सात उपनगरीय अस्पतालों में सोनोग्राफी सेवाएं शुरू करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी है। इनमें एम।टी। अग्रवाल अस्पताल, संत मुक्ताबाई अस्पताल, राजावाड़ी अस्पताल, के। बी। भाभा अस्पताल, मालाड उपनगरीय अस्पताल, क्रांतिज्योति सावित्रीबाई फुले अस्पताल और हरिलाल भगवती अस्पताल शामिल हैं। प्रशासन के मुताबिक सभी परियोजनाओं के लिए ई-निविदा प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है।
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मनपा के पास होगा सेवाओं का नियंत्रण
बीएमसी ने स्पष्ट किया है कि सेवाओं का संचालन निजी भागीदारी के माध्यम से भले ही हो, लेकिन उनकी निगरानी और नियंत्रण मनपा प्रशासन के अधीन रहेगा। वहीं, विपक्षी सदस्यों का कहना है कि स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए बीएमसी को अपने संसाधनों और बुनियादी ढांचे को मजबूत करना चाहिए, न कि निजी कंपनियों पर निर्भर होना चाहिए। इसके बावजूद प्रशासन का मत है कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों को कम लागत में आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
