अमृत भारत योजना ने बदली नांदुरा रेलवे स्टेशन की तस्वीर, मध्य रेल के हावड़ा-मुंबई मार्ग का ऐतिहासिक स्टेशन
Amrit Bharat Station Scheme: अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत 10.63 करोड़ रुपये से नांदुरा रेलवे स्टेशन का आधुनिकीकरण किया गया। यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं और बेहतर यात्रा अनुभव मिलेगा।
- Written By: सूर्यप्रकाश मिश्र | Edited By: आलोक उमाकृष्ण
नांदुरा रेलवे स्टेशन (फोटो नवभारत)
Amrit Bharat Station Scheme Modernisation: रेल मंत्रालय के अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत देश भर के महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशनों को अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस किया जा रहा है।
मध्य रेल के भुसावल मंडल का नांदुरा रेलवे स्टेशन भी उनमें से एक है जिसकी तस्वीर बदल गई है। 10.63 करोड़ की लागत से इस स्टेशन का उन्नयन किया गया है, जिससे यात्री सुविधाओं, सुरक्षा, सुगम्यता तथा समग्र यात्रा अनुभव में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।
रेल प्रवेशद्वार
हावड़ा- नागपुर- मुंबई मुख्य रेल मार्ग पर स्थित नांदुरा, बुलढाणा जिले का एक महत्वपूर्ण रेल प्रवेशद्वार है। यह यात्रियों, कृषि बाजारों एवं उद्योगों को देश के प्रमुख शहरों से जोड़ने में अहम भूमिका निभाता है।
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मध्य रेल के सीपीआरओ डॉ स्वप्निल नीला ने बताया कि आधुनिक एवं यात्री-अनुकूल रेलवे स्टेशन के रूप में पुनर्विकसित किया गया है। इसे शीघ्र ही राष्ट्र को समर्पित किया जाएगा।
नांदुरा का ऐतिहासिक महत्व
नांदुरा, मध्य रेल के भुसावल मंडल का एक महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशन है। इस स्टेशन पर प्रतिदिन औसतन 4,545 यात्री आवागमन करते हैं तथा यहां से प्रतिदिन 26 रेलगाड़ियों का संचालन होता है, जो इसे हावड़ा- मुंबई रेल कॉरिडोर का एक प्रमुख ट्रांजिट केंद्र बनाता है। नांदुरा रेलवे स्टेशन का आधिकारिक शुभारंभ वर्ष 1888 में हुआ था।
समय के साथ नांदुरा नगर के विकास के साथ-साथ इस स्टेशन ने भी निरंतर प्रगति की है और क्षेत्र में यात्री आवागमन के साथ-साथ कृषि एवं वाणिज्यिक गतिविधियों को सशक्त समर्थन प्रदान किया है। नांदुरा जिले की एक प्रमुख कृषि मंडी भी है, जहाँ से गेहूँ, सोयाबीन, प्याज़ एवं कपास जैसी कृषि उपज बड़े शहरों तक पहुँचाई जाती है।
यह स्टेशन तेल मिलों तथा दाल प्रसंस्करण इकाइयों जैसे स्थानीय उद्योगों को कच्चे माल एवं तैयार उत्पादों के परिवहन में भी महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान करता है। इसके अतिरिक्त, नांदुरा अपने उच्च गुणवत्ता वाले खावा (गाढ़ा दूध) के लिए भी क्षेत्रभर में प्रसिद्ध है, जिसे प्रतिदिन आसपास के जिलों में भेजा जाता है।
समृद्ध सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक विरासत
यह नगर महाराष्ट्र की समृद्ध सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक विरासत का भी प्रतीक है। ज्ञानगंगा नदी द्वारा नांदुरा बुद्रुक एवं नांदुरा खुर्द में विभाजित यह नगर प्राचीन अंबादेवीगढ़ जैसे ऐतिहासिक स्थलों का है। महाराष्ट्र की प्रसिद्ध वारकरी परंपरा की भक्तिमय संस्कृति को भी प्रतिबिंबित करता है।
नांदुरा की सबसे प्रमुख पहचान 105 फीट ऊँची हनुमान प्रतिमा है, जो भारत की सबसे ऊँची हनुमान प्रतिमाओं में से एक है और देशभर से श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को आकर्षित करती है। इसके अतिरिक्त शनि महाराज मंदिर, खंडोबा मंदिर एवं निंबा देवी मंदिर भी यहाँ के प्रमुख धार्मिक स्थल हैं।
निकटवर्ती प्रमुख पर्यटन स्थलों में श्री संत गजानन महाराज मंदिर, शेगांव (33 किमी), ज्ञानगंगा वन्यजीव अभयारण्य (30 किमी) तथा लोणार क्रेटर झील (94 किमी) शामिल हैं, जो इस क्षेत्र की पर्यटन संभावनाओं को और अधिक समृद्ध बनाते हैं।
अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत पुनर्विकास
अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत नांदुरा रेलवे स्टेशन का व्यापक पुनर्विकास किया गया है, जिसमें यात्री सुविधा, सुगम्यता, सौंदर्यीकरण तथा परिचालन दक्षता पर विशेष ध्यान दिया गया है।
योजना के अंतर्गत आधुनिक स्टेशन भवन, नया एवं विशाल बुकिंग कार्यालय,चार बुकिंग काउंटर, विशाल यात्री प्रतीक्षालय, पुरुषों, महिलाओं एवं दिव्यांगजनों के लिए पृथक शौचालय, आवृत (कवर्ड) प्रवेश पोर्च, पुराने बुकिंग कार्यालय का ध्वस्तीकरण,9 मीटर चौड़े नए प्रवेश/निकास द्वार का निर्माण, दोपहिया एवं चारपहिया वाहनों के लिए 1,307 वर्गमीटर पार्किंग क्षेत्र का विकास सहित कई यात्री सुविधाओं से सुसज्ज किया गया है।
भुसावल मंडल के 15 स्टेशन
महाराष्ट्र में मध्य रेल के भुसावल मंडल में अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत महाराष्ट्र के 15 रेलवे स्टेशनों की पहचान की गई है, जिनमें से सावदा, धुले, देवलाई, मूर्तिजापुर एवं लासलगांव रेलवे स्टेशनों को पहले ही राष्ट्र को समर्पित किया जा चुका है।
वर्तमान कार्यक्रम के अंतर्गत नांदुरा रेलवे स्टेशन राष्ट्र को समर्पित किया जा रहा है, जो राज्य में रेलवे अवसंरचना के आधुनिकीकरण की दिशा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
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रेल यात्रा के नए युग की ओर
नांदुरा रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास आधुनिक, समावेशी, सुगम एवं यात्री-केंद्रित रेलवे स्टेशन विकसित करने की भारतीय रेल की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
